पटना: बिहार में एमएलसी चुनाव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच मोकामा के जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने अपने उस बयान पर सफाई दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने पार्टी के लिए 9 लोगों का मर्डर किया। अब अनंत सिंह ने दावा किया है कि लालू यादव के शासनकाल में उनके 9 लोग मारे गए थे और इस दौरान उन्हें भी गोली लगी थी।
अनंत सिंह के मुताबिक, यह नुकसान उन्हें नीतीश कुमार का साथ देने के कारण उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार और जेडीयू के लिए उन्होंने काफी कुर्बानी दी है।
#WATCH पटना(बिहार): जदयू विधायक अनंत सिंह ने कहा, "मैंने नीरज कुमार को जवाब दिया है कि मैंने कितनी कुर्बानी दी है। जब लालू यादव की सरकार थी तब हमारे 9 लोग मरवा दिए गए और मुझे गोली लगी। हम नीतीश कुमार के साथ हुए इसलिए लालू यादव ने मरवा दिए। हमारी इतनी क्षति हुई है। मेरे पिता की भी दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई…"
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 16, 2026 क्या बोले अनंत सिंह?
अनंत सिंह ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि जब बिहार में लालू यादव की सरकार थी, तब उनके 9 लोग मारे गए थे। उन्होंने दावा किया कि नीतीश कुमार के साथ आने के कारण उन्हें और उनके लोगों को नुकसान उठाना पड़ा।
उन्होंने यह भी कहा कि उस दौरान उन्हें गोली लगी थी और उनके पिता की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई थी।
अनंत सिंह ने कहा कि उन्होंने नीरज कुमार को जवाब देते हुए अपनी कुर्बानी का जिक्र किया था। उनका कहना है कि जब भी नीतीश कुमार ने उनसे मदद मांगी, उन्होंने उनका साथ दिया।
नीरज कुमार के खिलाफ कर रहे हैं प्रचार
बिहार में एमएलसी चुनाव के दौरान अनंत सिंह जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ प्रचार कर रहे हैं। इसी दौरान उनसे सवाल पूछा गया था कि उन्हें पार्टी विरोधी क्यों कहा जा रहा है।
इसके जवाब में अनंत सिंह ने कहा था कि उन्होंने पार्टी के लिए 9 लोगों का मर्डर किया। इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया और विपक्षी नेताओं ने भी सवाल उठाए।
अब अनंत सिंह ने स्पष्ट किया है कि उनका आशय लालू यादव के शासनकाल में अपने 9 लोगों के मारे जाने से था।
निशांत कुमार को नीरज कुमार के पक्ष में प्रचार से दूर रहने की सलाह
अनंत सिंह ने इससे पहले नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर भी बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि निशांत कुमार को नीरज कुमार के पक्ष में प्रचार करने नहीं जाना चाहिए, क्योंकि यह पार्टी का चुनाव नहीं है।
अनंत सिंह के अनुसार, उन्होंने पहले भी निशांत कुमार को प्रचार से दूर रहने की सलाह दी थी।
इस पर नीरज कुमार ने पलटवार करते हुए कहा कि अनंत सिंह कौन होते हैं, जो निशांत कुमार को सलाह दें। उन्होंने कहा कि निशांत कुमार को किसी से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है।
नीरज कुमार ने निशांत कुमार को नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत से जोड़ते हुए कहा कि बिहार की जनता ने उन्हें स्वीकार किया है और वह मंत्री के रूप में अच्छा काम कर रहे हैं।
अनंत सिंह बोले- मेरी दुश्मनी सिर्फ नीरज कुमार से
अनंत सिंह ने अपने बयान में कहा कि जब नीतीश कुमार और लालू यादव अलग हुए थे, तब नीतीश कुमार उनसे मदद मांगने आए थे। उनके मुताबिक, नीतीश कुमार का साथ देने के बाद लालू यादव की सरकार के दौरान उनके 9 लोग मारे गए।
उन्होंने कहा कि जेडीयू और नीतीश कुमार के लिए उन्होंने काफी कुर्बानी दी है। अनंत सिंह ने अपने राजनीतिक प्रभाव का जिक्र करते हुए 3 लाख वोटों का भी दावा किया।
अनंत सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी दुश्मनी जेडीयू या नीतीश कुमार से नहीं है, बल्कि सिर्फ नीरज कुमार से है। उन्होंने कहा, “दुनिया में सिर्फ वही मेरा दुश्मन है।”
इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रही जुबानी जंग एक बार फिर चर्चा में आ गई है।

