बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज है। इसी बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पूर्णिया के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH) में देर रात अचानक निरीक्षण किया। वहां की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था ने सभी को चौंका दिया और राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
अस्पताल में अव्यवस्था की पोल खुली
- ICU और ट्रॉमा सेंटर का अभाव
- कार्डियोलॉजी विभाग मौजूद नहीं
- एक बेड पर तीन-तीन मरीज भर्ती
- मरीजों की चादरें 15-20 दिन तक नहीं बदली जातीं
तेजस्वी यादव ने कहा कि यह 20 सालों से सत्ता में बैठी एनडीए सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था की असलियत है।
नर्सिंग और डॉक्टरों की भारी कमी
GMCH में स्वीकृत 255 नर्सों की जगह केवल 55 नर्सें ही तीन शिफ्टों में काम कर रही हैं। एक समय में मुश्किल से 18 नर्स ड्यूटी पर होती हैं। डॉक्टरों के 80% पद खाली हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा चुकी हैं।
मेडिकल इंटर्न्स और विभागों की स्थिति
अस्पताल में न तो पर्याप्त OT सहायक हैं और न ही स्थायी ड्रेसर। कुल 23 विभागों में से कई बंद पड़े हैं। मेडिकल इंटर्न्स को छह महीने से वेतन नहीं मिला है, जिससे उनकी समस्याएं बढ़ गई हैं।
सीमांचल का भरोसा निजी अस्पतालों पर
सरकारी अव्यवस्था की वजह से सीमांचल के लगभग 10,000 मरीज रोजाना निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। यह गरीब परिवारों के लिए भारी आर्थिक बोझ बन रहा है।
सरकार पर तेजस्वी का हमला
तेजस्वी यादव ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर करोड़ों रुपये आवंटित किए जाते हैं, लेकिन भ्रष्टाचार और दिखावे में पैसा बर्बाद हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि पूर्णिया दौरे पर GMCH की हालत जरूर देखें और मुख्यमंत्री को साथ लेकर 20 सालों की विफलताओं को समझें।
कल देर रात्रि गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH), पूर्णिया का औचक निरीक्षण किया।
वीडियो में 20 सालों की एनडीए सरकार की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की एक छोटी सी बानगी देखिए।
यह बदहाली किसी जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नहीं बल्कि… pic.twitter.com/SC08llj5td
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) September 14, 2025


