रांची: झारखंड के सरकारी स्कूलों में आज से एक बड़ा शैक्षिक अभियान शुरू हो गया है। 8 से 13 सितंबर तक पूरे राज्य के करीब 35,000 विद्यालयों में अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) आयोजित की जा रही है। इस विशेष आयोजन में न सिर्फ स्कूल शिक्षक और छात्र-छात्राओं के माता-पिता शामिल होंगे, बल्कि क्षेत्रीय सांसद, विधायक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
शिक्षा विभाग की बड़ी पहल
मुख्य सचिव ने सभी जिलों के उपायुक्तों को पत्र जारी कर इस कार्यक्रम को सफल बनाने के निर्देश दिए हैं। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस पहल से राज्य में बेहतर शैक्षिक माहौल का निर्माण होगा और विद्यार्थियों की प्रगति में तेजी आएगी।
किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
पीटीएम के दौरान अभिभावक और शिक्षक छात्रों की नियमित उपस्थिति, परीक्षाफल, अनुशासन, पेरेंटिंग, स्वच्छता और उपलब्धियों पर गहन चर्चा करेंगे। इसका उद्देश्य यह है कि माता-पिता और स्कूल के बीच समन्वय बने और बच्चों की शैक्षिक क्षमता को मजबूत किया जा सके।
आरटीई और समग्र शिक्षा कार्यक्रम से जुड़ा प्रयास
निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 तथा समग्र शिक्षा कार्यक्रम के तहत 6 से 18 वर्ष तक के सभी बच्चों का नामांकन और 12वीं तक उनकी शिक्षा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसमें अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण मानी गई है।
कब होगी अगली बैठक?
झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से आयोजित इस द्वितीय वार्षिक पीटीएम के बाद, राज्यभर के विद्यालयों में तीसरी वार्षिक बैठक दिसंबर (8 से 16 दिसंबर 2025) के बीच आयोजित की जाएगी।



