मुंबई मोनोरेल में मचा हड़कंप: फंसे यात्रियों की चीखें और घुटती सांसें, अंदर का सच

बारिश के बीच मुंबई मोनोरेल अचानक रुकी, यात्रियों की सांसें थमीं, घबराहट और चीख-पुकार मची।

Fevicon Bbn24
Mumbai Monorail Passengers Rescue Operation
Mumbai Monorail Passengers Rescue Operation (PC: BBN24/Social Media)
मुख्य बातें (Highlights)
  • मुंबई मोनोरेल अचानक रुकी, यात्रियों की सांसें थमीं और घबराहट बढ़ी।
  • लाइट और एसी बंद, महिलाएं रोईं और कई यात्री बेहोश होने की स्थिति में पहुंचे।
  • BMC और फायर ब्रिगेड ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर यात्रियों को बचाया।

मुंबई इस वक्त भारी बारिश से जूझ रहा है। लोकल ट्रेनें बंद, बसें ठप और सड़कें जलमग्न होने से यात्री मजबूरी में मोनोरेल का सहारा ले रहे थे। लेकिन मंगलवार शाम एक मोनोरेल यात्रा डरावने हादसे में बदल गई।

अचानक रुकी मोनोरेल, एसी और लाइट बंद

चेंबूर और भक्ति पार्क के बीच चल रही मोनोरेल अचानक 6:15 बजे रुक गई। कुछ मिनट बाद ही लाइट और एसी बंद हो गए। गर्मी और ऑक्सीजन की कमी से यात्री घुटने लगे।

यात्रियों की चीखें और बेहोशी की स्थिति

अंधेरे और हवा के बिना यात्री घबराने लगे। महिलाएं रो पड़ीं, कई लोग हांफने लगे और कुछ बेहोश होने की कगार पर पहुंच गए। हालत इतनी गंभीर हो गई कि कुछ यात्रियों ने खिड़की तोड़कर बाहर की हवा लेने की कोशिश की।

BMC और फायर ब्रिगेड का रेस्क्यू ऑपरेशन

स्थिति बिगड़ते ही यात्रियों ने BMC की हेल्पलाइन पर कॉल किया। इसके बाद फायर ब्रिगेड और मेडिकल टीम मौके पर पहुंची। नजदीकी अस्पतालों को भी अलर्ट पर रखा गया और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों का गुस्सा और सवाल

मोनोरेल से बाहर आए यात्री हरिशंकर ने कहा कि अंदर हालात बेहद खतरनाक थे। उन्होंने MMRDA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह पहली बार नहीं है जब मोनोरेल तकनीकी खराबी से रुकी हो। एक अन्य यात्री ने पूछा – “अगर इंजन में आग लग जाती तो क्या होता?”

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