पटना के पास बख्तियारपुर में गंगा नदी में स्नान करने गई एक परिवार की खुशी पल भर में मातम में बदल गई। रविवार सुबह का समय था, जब Ranjit Kumar, जो कि बख्तियारपुर ताजपुर महासेतु निर्माण कंपनी में इंजीनियर हैं, अपनी पत्नी, बेटे और बेटी के साथ गंगा स्नान के लिए सीढ़ी घाट पहुंचे। सभी लोग नवनिर्मित घाट की ओर बढ़े ही थे कि 14 वर्षीय बेटा Arun Kumar गंगा में उतरकर डुबकी लगाने लगा।
परिवार ने उसे गहरे पानी में जाने से रोकने की कोशिश की, लेकिन तभी अरुण का पैर फिसल गया और वो तेज धार में बहने लगा। देखते ही देखते अरुण पानी में समा गया। मौके पर मौजूद सामाजिक कार्यकर्ता Bhola Pandey ने उसे बचाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
मां-बाप और बहन की आंखों के सामने अरुण डूब गया। बेटे की चीखें, मां-पिता की बेबसी और बहन का रोना घाट पर मौजूद हर शख्स को रुला गया। परिवार के लोगों की हालत ऐसी हो गई कि मां-पिता बार-बार बेहोश हो रहे थे।
घटना की सूचना मिलते ही निर्माण कंपनी के डीजीएम George Joseph और Vasu घाट पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। वहीं, SDRF की टीम ने देर शाम तक गंगा नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन अरुण का कुछ पता नहीं चल पाया।
यह घटना न केवल एक परिवार के लिए, बल्कि पूरे इलाके के लिए एक दर्दनाक याद बन गई।


