Iran-US Talks Fail: ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने साफ कहा कि जब तक अमेरिका अपनी ‘नाजायज मांगों’ से पीछे नहीं हटता, तब तक कोई समझौता संभव नहीं है।
ईरान का सख्त संदेश
Esmail Baghaei ने सोशल मीडिया पर बयान जारी करते हुए कहा कि बातचीत की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि अमेरिका ईरान के जायज अधिकारों को स्वीकार करे।
उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका को अपनी गैरकानूनी शर्तों और दबाव की नीति छोड़नी होगी, तभी आगे बात बढ़ सकती है।
US must refrain from 'excessive demands and unlawful requests': Iran foreign ministry after Iran-US talks
— Press Trust of India (@PTI_News) April 12, 2026
‘पुरानी गलतियां नहीं भूलेगा ईरान’
ईरानी प्रवक्ता ने कहा कि ईरान अमेरिका की वादाखिलाफी और पुराने अनुभवों को नहीं भूला है। उन्होंने इजरायल और अमेरिका पर पिछले संघर्षों में किए गए हमलों का भी जिक्र किया और कहा कि देश अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हर कदम उठाएगा।
किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
इस्लामाबाद में हुई इस लंबी बैठक में कई बड़े मुद्दों पर बातचीत हुई—
- Strait of Hormuz (होर्मुज जलडमरूमध्य)
- परमाणु कार्यक्रम (न्यूक्लियर मुद्दा)
- युद्ध का हर्जाना
- ईरान पर लगे प्रतिबंध हटाना
- क्षेत्र में जारी संघर्ष को खत्म करना
दोनों देशों के बीच कई ड्राफ्ट और प्रस्ताव भी साझा किए गए, लेकिन सहमति नहीं बन सकी।
अमेरिका का बयान- ‘ईरान के लिए नुकसान’
अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि ईरान ने दिए गए प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया, जो उसके लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
उन्होंने कहा कि बातचीत सकारात्मक रही, लेकिन फिलहाल कोई समझौता नहीं हो सका और अमेरिकी टीम बिना डील के लौट रही है।
ट्रंप से लगातार संपर्क में थी टीम
JD Vance ने बताया कि वार्ता के दौरान वे लगातार Donald Trump से संपर्क में थे। टीम में कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे, जिन्होंने बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश की।
आगे क्या होगा?
अमेरिका ने साफ कर दिया है कि उसने अपना “फाइनल और बेस्ट” प्रस्ताव ईरान के सामने रख दिया है। अब फैसला ईरान को लेना है कि वह इसे स्वीकार करता है या नहीं।
फिलहाल, यह बातचीत गतिरोध पर आकर रुक गई है और पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीदों को झटका लगा है।

