UP ATS Operation: सोशल मीडिया से रचा जा रहा था आतंकी नेटवर्क, दो आरोपी नोएडा से पकड़े गए

Up Ats Arrests Two Terrorists Isi Link Noida
Up Ats Arrests Two Terrorists Isi Link Noida (PC: BBN24/Social Media)

UP ATS: Uttar Pradesh Anti-Terrorism Squad ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है, जिनका संबंध पाकिस्तान के गैंगस्टरों और खुफिया एजेंसी Inter-Services Intelligence (ISI) से बताया जा रहा है. जांच में सामने आया है कि ये लोग भारत में आतंकी नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश कर रहे थे.

सोशल मीडिया के जरिए फैलाया जा रहा था जाल

जांच में खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान के गैंगस्टर और कट्टरपंथी तत्व इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म के जरिए भारतीय युवाओं से संपर्क कर रहे थे. उन्हें पैसों का लालच देकर और कट्टर विचारधारा की ओर धकेलकर देश की शांति को नुकसान पहुंचाने की योजना बनाई जा रही थी.

बड़ी घटना को अंजाम देने की थी तैयारी

पुलिस के मुताबिक, आरोपी संवेदनशील स्थानों की रेकी करने और बड़े हमले की तैयारी में जुटे थे.
गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान मेरठ के तुषार चौहान उर्फ हिज्बुल्ला अली खान और दिल्ली के समीर खान के रूप में हुई है, जो सीधे पाकिस्तानी अपराधियों के संपर्क में थे.

नोएडा से हुई गिरफ्तारी

ATS टीम ने दोनों आरोपियों को Noida से गिरफ्तार किया. उनके पास से एक पिस्तौल, कारतूस और चाकू बरामद किया गया है. शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि आरोपी इंस्टाग्राम और अन्य माध्यमों से विदेशी हैंडलर्स के संपर्क में थे.

VIP पर ग्रेनेड हमले की साजिश

पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपियों को VIP लोगों को निशाना बनाकर उनके घरों पर ग्रेनेड हमला करने का निर्देश दिया गया था. इसके लिए उन्हें पहले पैसे देने और बाद में बड़ी रकम का लालच दिया गया था. साथ ही, काम पूरा होने पर उन्हें विदेश भेजने की भी योजना थी.

ISI एजेंट्स से मिल रहे थे निर्देश

जांच में यह बात भी सामने आई है कि आरोपियों को ISI से जुड़े एजेंट्स द्वारा टार्गेट दिए जा रहे थे.
दूसरे आरोपी को सोशल मीडिया के जरिए लोगों को जोड़ने और प्रचार फैलाने का काम सौंपा गया था.

जांच जारी, नेटवर्क की तलाश

फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हैं. आशंका है कि इस साजिश में और भी लोग शामिल हो सकते हैं.
ATS का कहना है कि देश की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और ऐसे नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जाएगा.

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