मेरठ: उत्तर प्रदेश के चर्चित मेरठ सांप कांड में अदालत ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया। पति अमित कश्यप की हत्या के मामले में दोषी ठहराई गई रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई गई है। अदालत ने इस मामले को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ यानी दुर्लभतम श्रेणी का अपराध माना।
आरोप था कि रविता और अमरदीप ने मिलकर अमित कश्यप की हत्या की और फिर घटना को सांप के काटने से हुई मौत दिखाने की साजिश रची। इस मामले ने कथित साजिश के कारण देशभर में सुर्खियां बटोरी थीं।
सजा पर अदालत में हुई बहस
सजा सुनाने से पहले अदालत में अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनी गईं। सरकारी वकील ने अपराध की गंभीरता का हवाला देते हुए दोनों दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग की।
वहीं, बचाव पक्ष के वकील ने अदालत से नरमी बरतने और कम सजा देने की अपील की। सुनवाई के दौरान दोषियों को ऑनलाइन माध्यम से अदालत में पेश किया गया। सजा की अवधि को लेकर दोनों पक्षों के वकीलों के बीच बहस हुई।
पीड़ित परिवार ने भी की फांसी की मांग
सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष ने अपराध को गंभीर बताते हुए दोनों दोषियों को फांसी देने की मांग की। अमित कश्यप की मां मुनेश देवी भी अदालत पहुंची थीं। उन्होंने भी दोनों के लिए मृत्युदंड की मांग की।
बचाव पक्ष ने इसके विपरीत कम सजा देने की अपील की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने रविता और अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई।
क्या है मेरठ का चर्चित सांप कांड?
यह मामला मेरठ जिले के बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव का है। खबर के अनुसार, 12 अप्रैल 2025 की रात अमित कश्यप की हत्या कर दी गई थी।
इस मामले में अमित की पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप की भूमिका सामने आई थी। आरोप था कि दोनों ने हत्या के बाद इसे सांप के काटने से हुई मौत दिखाने की योजना बनाई। इसी कथित साजिश के तहत अमित के शव पर सांप छोड़ दिया गया, ताकि मौत को प्राकृतिक घटना का रूप दिया जा सके।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सामने आया हत्या का मामला
शुरुआत में अमित की मौत को सर्पदंश से हुई मौत दिखाने का प्रयास किया गया। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की बात सामने आने के बाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई।
जांच के दौरान रविता और अमरदीप को गिरफ्तार किया गया। खबर के मुताबिक, पुलिस ने दोनों के बीच फोन पर लगातार बातचीत होने की जानकारी भी सामने रखी। पुलिस के अनुसार, वारदात वाली रात दोनों के बीच 50 से अधिक बार फोन पर बातचीत हुई थी। इसके अलावा, अमरदीप को उस रात घर से बाहर जाते हुए देखे जाने की बात भी सामने आई।
7 अक्टूबर को दोषी करार दिए गए थे दोनों
मामले की सुनवाई एडीजे-12 की अदालत में चल रही थी। अदालत ने 7 अक्टूबर को रविता और अमरदीप को दोषी करार दिया था। इसके बाद सजा की अवधि को लेकर सुनवाई हुई।
शुक्रवार को अदालत ने दोनों को मृत्युदंड सुनाते हुए मामले को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ श्रेणी में रखा। इस फैसले के साथ ही मेरठ के चर्चित सांप कांड में सजा का ऐलान हो गया।

