‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर सबूत मांगने वालों को गिरिराज सिंह का करारा जवाब: “सबूत चाहिए तो पाकिस्तान जाओ”

बेगूसराय में केंद्रीय मंत्री Giriraj Singh ने Congress पर बोला हमला, कहा- देश में अभी भी 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' सक्रिय, जो पाकिस्तान की भाषा बोलते हैं।

Giriraj Singh Slams Congress On Operation Sindoor
(Image Source: Social Media Sites)

Bihar Politics: जम्मू-कश्मीर के Pahalgam में हुए आतंकी हमले के बाद भारत की कड़ी कार्रवाई के तहत Operation Sindoor को अंजाम दिया गया। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) और पाकिस्तान के कई आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया गया। लेकिन इस पर कांग्रेस की ओर से सवाल उठाए गए और सबूत मांगे गए। इस पर केंद्रीय मंत्री Giriraj Singh ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।

“टुकड़े-टुकड़े गैंग पाकिस्तान की भाषा बोल रहा है”

Begusarai में मीडिया से बात करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि “कांग्रेस और उनके समर्थक अब भी पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं। जो लोग Operation Sindoor पर सबूत मांग रहे हैं, वे असल में भारत की नहीं, पाकिस्तान की चिंता कर रहे हैं। यदि किसी को सबूत चाहिए, तो वह पाकिस्तान जाए और वहीं जाकर अपने सवालों के जवाब तलाशे।”

“पाकिस्तान अब ‘बाप-बाप’ कर रहा है”

गिरिराज सिंह ने आगे कहा, “आज पाकिस्तान की हालत यह है कि वह भारत से डर कर ‘बाप-बाप’ कर रहा है। हमारे जवानों ने आतंकवादियों के ठिकानों को निशाना बनाकर उन्हें खंडहर बना दिया। आतंकियों के 9 एयरबेस तबाह हो चुके हैं। वहां की सभा में आज भी आतंकवादी प्रधानमंत्री Narendra Modi को गालियां दे रहे हैं, क्योंकि भारत ने सीधा हमला किया है।”

“जो भारत में बैठे हैं और सबूत मांगते हैं, वे पाकिस्तान जाकर देखें”

गिरिराज सिंह ने कहा, “देश और दुनिया ने देखा कि ऑपरेशन सफल रहा। लेकिन कुछ लोग अब भी भारत में हैं जो सबूत मांग रहे हैं। उन्हें चाहिए कि वे पाकिस्तान जाएं और वहां जाकर देखें – उन्हें वहां सिर्फ खंडहर और तबाही ही नजर आएगी। वहीं उनका सबूत मिलेगा।”

निष्कर्ष:
Operation Sindoor को लेकर राजनीतिक संग्राम तेज हो गया है। जहां एक ओर सरकार इस मिशन को बड़ी सफलता मान रही है, वहीं विपक्षी दल Congress इससे जुड़े तथ्यों और प्रमाणों पर सवाल उठा रही है। लेकिन Giriraj Singh जैसे बीजेपी नेताओं की ओर से अब यह संदेश साफ दे दिया गया है कि देश की सुरक्षा पर सवाल उठाने वालों को अब पाकिस्तान जाकर ही जवाब खोजना होगा।

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