मंईयां सम्मान योजना में बड़ा खुलासा: फर्जी लाभार्थियों की काट, अब असली महिलाओं के खाते में पहुंची 81 करोड़ की रकम!

झारखंड सरकार ने शुरू की मंईयां योजना की अगली किस्त का भुगतान, फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद अब असली लाभार्थियों को ही मिलेगी राशि

Maiyaa Samman Yojana Ranchi Payment Transfer
Maiyaa Samman Yojana Ranchi Payment Transfer (Source: BBN24/Google/Social Media)

रांची: Chief Minister Maiyaa Samman Yojana के लाभार्थी महिलाओं का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। राज्य सरकार की ओर से मई माह की सम्मान राशि ₹2500 प्रति लाभुक के हिसाब से सीधे रांची के 3.25 लाख महिलाओं के खातों में ट्रांसफर की गई है। इस चरण में कुल ₹81.26 करोड़ का भुगतान आधार आधारित प्रणाली से किया गया है।

फर्जी लाभार्थियों की हो चुकी है पहचान, बिहार और बंगाल की महिलाएं भी बनीं थीं हिस्सेदार

इस योजना में पहले व्यापक पैमाने पर धांधली सामने आई थी। जांच में पता चला कि Bihar और West Bengal की कई महिलाओं ने भी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर इस योजना का लाभ लिया था। इसके बाद जिला स्तर पर सत्यापन प्रक्रिया तेज की गई और फर्जी लाभार्थियों को हटाकर असली जरूरतमंदों को ही भुगतान सुनिश्चित किया गया।

रांची डीसी मंजूनाथ भयंत्री ने X (पूर्व ट्विटर) पर दी जानकारी

Ranchi Deputy Commissioner Manjunath Bhajantri ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में Twitter) पर इस योजना के तहत जारी की गई राशि की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा,
“मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना: रांची जिले के 3.25 लाख लाभार्थियों को मिला लाभ! मई माह की ₹2500 की सम्मान राशि सफलतापूर्वक उनके बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी गई है।”

ब्लॉकवार आंकड़े: जानिए किस प्रखंड को कितने लाभार्थी मिले

सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, जिले के अलग-अलग अंचलों में यह राशि इस प्रकार से ट्रांसफर की गई है:
Kanke: 26,486 लाभार्थी
Sadar Urban (Municipal Area): 24,989 लाभार्थी
Mandar: 19,309 लाभार्थी
Bedo: 16,242 लाभार्थी
Silli: 16,759 लाभार्थी
Hehal Urban: 16,011 लाभार्थी
Chanho: 15,998 लाभार्थी
Ormanjhi: 14,960 लाभार्थी
Bhurmu: 14,362 लाभार्थी
Nagri: 14,095 लाभार्थी
✅ अन्य क्षेत्रों में भी हज़ारों की संख्या में महिलाएं लाभान्वित हुई हैं।

बैंक खाते आधार से लिंक कराना अनिवार्य

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन महिलाओं ने अब तक अपने बैंक खातों को आधार से लिंक नहीं कराया है, उन्हें जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए ताकि भविष्य की किस्तों में कोई रुकावट न हो।

सत्यापन में सहयोग करें: आंगनबाड़ी केंद्र से लें सहायता

जिला प्रशासन की ओर से भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। जिन लाभार्थियों का सत्यापन अब भी लंबित है, उन्हें अपनी नजदीकी आंगनबाड़ी सेविका से संपर्क कर सत्यापन प्रपत्र भरना होगा।

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