चुनाव आयोग (Election Commission) ने गैर-मान्यता प्राप्त पंजीकृत दलों पर सख्त कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में 474 राजनीतिक दलों का पंजीकरण (Registration) रद्द कर दिया गया है। इनमें झारखंड की 7 पार्टियां भी शामिल हैं, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री Babulal Marandi की पुरानी पार्टी Jharkhand Vikas Morcha का नाम भी है।
6 साल से चुनाव से दूर दलों पर गाज
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 (Representation of People Act) के अनुसार, किसी भी पंजीकृत दल को चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लेना जरूरी है। यदि कोई पार्टी लगातार 6 साल तक चुनाव नहीं लड़ती है, तो उसका पंजीकरण समाप्त कर दिया जाता है। इसी नियम के तहत चुनाव आयोग ने यह बड़ा एक्शन लिया है।
अगस्त 2025 में भी आयोग ने 334 दलों का रजिस्ट्रेशन खत्म किया था। यानी सिर्फ दो महीने में कुल 808 पार्टियां पंजीकरण से बाहर हो चुकी हैं।
टैक्स छूट का गलत फायदा
कई राजनीतिक दल चुनाव न लड़ने के बावजूद टैक्स छूट और अन्य रियायतों का फायदा उठा रहे थे। चुनाव आयोग के मुताबिक यह नियमों का उल्लंघन है। ऐसे दलों पर अब सख्त एक्शन लिया गया है।
23 राज्यों की पार्टियां प्रभावित
इस बार की कार्रवाई में 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की पार्टियां शामिल हैं।
- उत्तर प्रदेश: 121 दल
- महाराष्ट्र: 44 दल
- मध्य प्रदेश: 23 दल
- हरियाणा: 17 दल
- बिहार: 15 दल
- पंजाब: 21 दल
कुल मिलाकर चुनाव आयोग लगातार ऐसे दलों की निगरानी कर रहा है जो चुनावों से दूरी बनाए हुए हैं या वित्तीय पारदर्शिता की जानकारी नहीं देते। अभी भी 359 दल आयोग के राडार पर हैं।


