West Bengal Bakrid Holiday: West Bengal सरकार ने बकरीद की छुट्टी को लेकर बड़ा फैसला लिया है. पहले राज्य में ईद-उल-अजहा पर दो दिन की सरकारी छुट्टी की घोषणा की गई थी, लेकिन अब सरकार ने अपना फैसला बदलते हुए सिर्फ 28 मई को ही सरकारी अवकाश घोषित किया है.
सरकार ने स्पष्ट किया है कि 29 मई को सभी सरकारी दफ्तर और संस्थान सामान्य रूप से खुले रहेंगे.
पहले दो दिन की थी छुट्टी
राज्य में पहले बकरीद पर दो दिन के अवकाश का प्रावधान था. हालांकि नई सरकार बनने के बाद कई प्रशासनिक फैसलों में बदलाव किए जा रहे हैं और इसी क्रम में यह फैसला भी बदला गया है.
देशभर में इस साल बकरीद 28 मई को मनाई जाएगी.
कलकत्ता हाई कोर्ट में हुई सुनवाई
इस बीच बकरीद पर पशु कुर्बानी से जुड़ी याचिकाओं पर Calcutta High Court में सुनवाई भी हुई.
अदालत ने पश्चिम बंगाल पशु वध नियंत्रण अधिनियम 1950 के तहत धार्मिक आधार पर विशेष छूट देने और कुछ पशुओं की कुर्बानी की अनुमति की मांग को खारिज कर दिया.
हालांकि कोर्ट ने राज्य सरकार से कहा कि जरूरत पड़ने पर 24 घंटे के भीतर हालात की समीक्षा कर फैसला लिया जा सकता है.
स्वास्थ्य प्रमाणपत्र जरूरी
राज्य सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर कहा है कि बिना स्वास्थ्य प्रमाणपत्र के किसी भी पशु का वध नहीं किया जा सकेगा.
इसके साथ ही खुले सार्वजनिक स्थानों पर पशु वध पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए हैं.
सरकार ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
सरकार की नीतियों पर उठे सवाल
आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख Humayun Kabir ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुर्बानी मुस्लिम समुदाय की धार्मिक परंपरा का हिस्सा है.
उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब देश में पशु व्यापार और निर्यात की अनुमति है, तो प्रतिबंध लगाने का औचित्य भी स्पष्ट होना चाहिए.


