आधार को नागरिकता मानने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, बिहार मतदाता सूची विवाद पर सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने कहा—आधार नागरिकता का प्रमाण नहीं, चुनाव आयोग के SIR अभियान पर उठे सवाल

Supreme Court Aadhaar Citizenship Bihar Voter List Sir Case
Supreme Court Aadhaar Citizenship Bihar Voter List Sir Case (Source: BBN24/Google/Social Media)

सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में चुनाव आयोग की Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया के खिलाफ दायर याचिकाओं की सुनवाई के दौरान स्पष्ट कहा कि आधार कार्ड नागरिकता का निर्णायक प्रमाण नहीं है। न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने माना कि चुनाव आयोग सही है कि आधार को केवल एक सत्यापन दस्तावेज़ के रूप में देखा जा सकता है, लेकिन इसे नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

अदालत का सवाल—चुनाव आयोग के पास क्या है सत्यापन का अधिकार?

सुनवाई के दौरान पीठ ने पूछा कि क्या चुनाव आयोग के पास मतदाता सूची के लिए ऐसी सत्यापन प्रक्रिया चलाने का कानूनी अधिकार है।
वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, जो RJD सांसद मनोज झा की ओर से पेश हुए, ने तर्क दिया कि इस प्रक्रिया से बड़ी संख्या में लोग मतदाता सूची से बाहर हो सकते हैं, खासकर वे जिन्होंने समय पर फॉर्म जमा नहीं किए।

उन्होंने दावा किया कि 2003 की मतदाता सूची में दर्ज लोगों से भी नए फॉर्म भरवाए जा रहे हैं और जमा न करने पर, पते में बदलाव न होने के बावजूद नाम हटाए जा रहे हैं।

EC के आंकड़े और अदालत की टिप्पणी

पीठ ने कहा कि अगर 7.9 करोड़ में से 7.24 करोड़ मतदाताओं ने जवाब दिया, तो “एक करोड़ नाम गायब” होने का दावा सही नहीं बैठता। अदालत ने इसे “विश्वास की कमी” का मामला बताते हुए, चुनाव आयोग को पूरे आंकड़े और तथ्य अगली सुनवाई में पेश करने के निर्देश दिए।

विपक्ष और कार्यकर्ताओं के आरोप

चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने इसे “दुनिया में मताधिकार से वंचित करने की सबसे बड़ी कवायद” बताया। उन्होंने दावा किया कि 65 लाख नाम हटाए गए, जिनमें महिलाओं के नाम पुरुषों से अधिक—31 लाख महिलाएँ और 25 लाख पुरुष शामिल हैं।

चुनाव आयोग का बचाव

चुनाव आयोग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी ने कहा कि SIR सिर्फ एक ड्राफ्ट सूची है और त्रुटियों को सुधारा जा सकता है। लगभग 6.5 करोड़ लोगों को दस्तावेज़ देने की ज़रूरत नहीं पड़ी क्योंकि वे या उनके माता-पिता 2003 की सूची में पहले से थे।

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