देश के कई राज्यों में मौसम ने अचानक करवट लेकर भारी तबाही मचा दी है। तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के कारण उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और झारखंड में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मौसम से जुड़ी घटनाओं में उत्तर प्रदेश में 20, बिहार में 14, उत्तराखंड में 2 और झारखंड में 2 लोगों की मौत की खबर है.
कई दिनों की भीषण गर्मी के बाद आए पश्चिमी विक्षोभ ने उत्तर भारत के कई हिस्सों में तेज आंधी और बारिश ला दी। उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा असर बुंदेलखंड और पूर्वांचल क्षेत्रों में देखने को मिला। कई जगहों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जबकि रेल सेवाएं भी प्रभावित हुईं।
प्रयागराज में मई महीने में बारिश का 55 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया। रात एक बजे से सुबह पांच बजे के बीच केवल चार घंटे में 61 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इससे पहले मई में एक दिन में सर्वाधिक 54 मिलीमीटर बारिश का रिकॉर्ड 1971 में दर्ज किया गया था।
बिहार में भी तेज आंधी, बारिश और वज्रपात से व्यापक नुकसान हुआ। पटना में 107 किलोमीटर प्रति घंटा और गया में 74 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं। मोतिहारी में सबसे अधिक 116 मिमी बारिश दर्ज की गई। खराब मौसम के कारण पटना एयरपोर्ट पर चार विमानों को डायवर्ट करना पड़ा, जबकि कई उड़ानें देरी से संचालित हुईं।
उत्तराखंड के तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से लखनऊ के दो भाइयों की मौत हो गई। घटना के दौरान कई पर्यटक खराब मौसम में फंस गए थे, जिन्हें प्रशासन और राहत एजेंसियों ने सुरक्षित बाहर निकाला।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में आंधी, बारिश और वज्रपात की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

