रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिवसीय भारत दौरे पर बुधवार शाम दिल्ली पहुंचे। जैसे ही उनका स्पेशल विमान पालम एयरपोर्ट पर उतरा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद उन्हें रिसीव करने पहुंचे। दोनों नेताओं की मुलाकात का खास लम्हा तब देखने को मिला, जब वे एक ही गाड़ी में बैठकर PM हाउस के लिए रवाना हुए।
आखिर क्यों शेयर की मोदी-पुतिन ने एक ही कार?
तस्वीरों में साफ देखा गया कि पीएम मोदी ने न सिर्फ पुतिन की अगुवाई की, बल्कि रूसी राष्ट्रपति को अपनी आधिकारिक कार में बैठने का न्योता भी दिया। सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, यह घटना कई मायनों में असामान्य है।
“पुतिन दुनिया के सबसे हाई-थ्रेट टारगेट्स में से एक हैं, वे आमतौर पर अपनी बुलेटप्रूफ कार नहीं छोड़ते।”
— रक्षा विशेषज्ञ
इसके बावजूद पुतिन का अपनी सुरक्षा व्यवस्था को पीछे छोड़कर मोदी की कार में बैठना भरोसे और दोस्ती का मजबूत संदेश देता है।
विशेषज्ञों के अनुसार:
- पुतिन की सुरक्षा प्रणाली दुनिया की सबसे सख्त व्यवस्थाओं में शामिल है
- दूसरे देश की कार में बैठना उनके लिए बेहद दुर्लभ
- इस कदम से भारत-रूस के रिश्तों की मजबूती का संकेत मिलता है
चीन में भी दिखी थी दो नेताओं की ये बॉन्डिंग
दोनों नेताओं का कार शेयर करना कोई पहली बार नहीं है।
पिछले साल चीन के शियान में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान भी मोदी और पुतिन ने एक ही कार में सफर किया था, जिसकी तस्वीरें काफी वायरल हुई थीं।
इस बार क्रेमलिन ने बयान जारी कर बताया कि:
“मोदी द्वारा पुतिन की कार में शामिल होने की जानकारी हमें पहले से नहीं थी। यह प्रधानमंत्री मोदी का निजी निर्णय था।”
दोनों नेता टोयोटा फॉर्च्यूनर (MH 01 EN 5795) में बैठकर हँसी-मजाक करते हुए हवाईअड्डे से रवाना हुए।



