पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari के निर्देश पर कोलकाता के तिलजला इलाके में अवैध इमारतों पर बुलडोजर चलाया गया।
बताया जा रहा है कि हाल ही में चमड़ा कारखाने में लगी भीषण आग और दो लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि जिस इमारत में हादसा हुआ, वह पूरी तरह अवैध थी और वहां फायर सेफ्टी के जरूरी इंतजाम भी नहीं थे।
KMC और KMDA का संयुक्त अभियान
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद Kolkata Municipal Corporation और Kolkata Metropolitan Development Authority ने संयुक्त अभियान शुरू किया।
अवैध हिस्सों को गिराने के लिए कम से कम चार बुलडोजर और बड़ी संख्या में मजदूर लगाए गए। पूरे इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
इलाके को छावनी में बदला गया
कार्रवाई शुरू होते ही कुछ स्थानीय लोगों ने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित कर लिया। इलाके में बैरिकेडिंग की गई और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और केंद्रीय सुरक्षा बलों को भी तैनात किया गया।
आग की घटना के बाद खुला मामला
मंगलवार को तिलजला रोड स्थित एक चार मंजिला इमारत में बने चमड़ा कारखाने के स्टोर रूम में भीषण आग लग गई थी। हादसे में दो श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे।
इसके बाद राज्य सरकार ने जांच टीम गठित की थी। जांच रिपोर्ट में पता चला कि भवन के पास कोई वैध बिल्डिंग प्लान नहीं था और सुरक्षा मानकों का भी पालन नहीं किया गया था।
‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर सरकार
भाजपा सरकार का कहना है कि राज्य में अवैध निर्माण के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाई जाएगी। प्रशासन अब ऐसे भवनों की पहचान कर रहा है जहां सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ है।
सरकार के इस अभियान को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। कई लोग इसे उत्तर प्रदेश की तर्ज पर शुरू हुए “ऑपरेशन बुलडोजर” से जोड़कर देख रहे हैं।

