नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली (NTA) में सुधार के लिए एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की है। इस टास्क फोर्स का नेतृत्व तकनीकी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणि करेंगे। सरकार का उद्देश्य परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और तकनीक आधारित बनाना है।
टास्क फोर्स में कौन-कौन शामिल?
सरकार द्वारा गठित इस उच्चस्तरीय समिति में कई प्रमुख विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। इनमें तकनीकी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणि, इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथ, पूर्व आईबी निदेशक तपन डेका, आईआईटी मद्रास के निदेशक वी. कामाकोटी, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा शामिल हैं।
HIGH POWERED TASK FORCE on examination reforms under the leadership of Shri Nandan Nilekani constituted.@NandanNilekani pic.twitter.com/mMpmPdIEL5
— Narendra Modi (@narendramodi) July 26, 2026
पीएम मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित और परीक्षा प्रणाली को अधिक भरोसेमंद बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने, आधुनिक तकनीक के उपयोग और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए इस टास्क फोर्स का गठन किया गया है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कानून लाने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है।
परीक्षा सुधार पर रहेगा फोकस
यह टास्क फोर्स परीक्षा प्रणाली में तकनीकी और संरचनात्मक सुधारों का अध्ययन करेगी। समिति की सिफारिशों के आधार पर आने वाली परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।
छात्रों को मिलेगा फायदा
सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने से परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता बढ़ेगी, पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकेगी।

