भारत के इतिहास का सबसे दर्दनाक अध्याय – 1947 का भारत-पाकिस्तान विभाजन, लाखों जिंदगियों को प्रभावित कर गया। इस विभाजन की जटिलताओं और इसके पीछे जिम्मेदार चेहरों को समझाने के लिए NCERT ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर नया शैक्षणिक मॉड्यूल जारी किया है।
किन्हें ठहराया गया जिम्मेदार?
कक्षा 6 से 12 के छात्रों के लिए तैयार किए गए इस मॉड्यूल में विभाजन के पीछे तीन बड़े नामों को जिम्मेदार बताया गया है:
- मोहम्मद अली जिन्ना – पाकिस्तान की मांग पर अड़े रहने के लिए
- कांग्रेस नेतृत्व (नेहरू-सरदार पटेल) – गृहयुद्ध से बचने के लिए विभाजन को स्वीकारने पर
- लॉर्ड माउंटबेटन – भारत छोड़ने की जल्दबाजी और त्रुटिपूर्ण प्रक्रिया अपनाने पर
विभाजन क्यों हुआ अनिवार्य?
मॉड्यूल में कहा गया है कि विभाजन पूरी तरह अनिवार्य नहीं था, बल्कि यह राजनीतिक दबाव, गलतफहमियों और हालात की देन था।
- नेहरू ने इसे “खराब परिस्थिति में गृहयुद्ध से बेहतर विकल्प” बताया
- महात्मा गांधी ने इसका शांतिपूर्ण विरोध किया
रेडक्लिफ लाइन और हिंसा का जिक्र
मॉड्यूल में रेडक्लिफ लाइन की अधूरी योजना, सीमाओं की अस्पष्टता और माउंटबेटन की जल्दबाजी को विभाजन की त्रासदी बढ़ाने वाला कारण बताया गया है। इन कारणों से लाखों लोग विस्थापित हुए और हिंसा की चपेट में आए।
नया दृष्टिकोण, नई बहस
NCERT का यह मॉड्यूल न सिर्फ इतिहास को एक नए नजरिए से पढ़ने का मौका देता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि विभाजन का असर आज भी भारत के सामाजिक और राजनीतिक हालात पर गहराई से मौजूद है।


