West Bengal Holding Centres: पश्चिम बंगाल में अवैध घुसपैठियों और विदेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया तेज होती नजर आ रही है. राज्य सरकार ने सभी जिलों में होल्डिंग सेंटर बनाने का आदेश जारी किया है.
इस संबंध में राज्य के होम एंड हिल अफेयर्स विभाग की ओर से सभी जिलाधिकारियों (DM) को पत्र भेजा गया है.
हर जिले में बनाया जाएगा होल्डिंग सेंटर
सरकार द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों के निर्वासन की प्रक्रिया को तेज करने के लिए हर जिले में होल्डिंग सेंटर स्थापित किए जाएं.
इन सेंटरों में उन विदेशी नागरिकों को रखा जाएगा जो गिरफ्तारी के बाद निर्वासन या वतन वापसी की प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं.
The Home and Hill Affairs Department of West Bengal wrote a letter to the District Magistrate of all districts on the setting up of holding centres for apprehended foreigners, as well as for the released foreign prisoners awaiting deportation/repatriation.
The letter reads:… pic.twitter.com/TFf53jOyLU
— ANI (@ANI) May 24, 2026 सरकार ने DM को दिए निर्देश
पत्र में साफ कहा गया है कि सभी जिलों के DM ऐसे सेंटर स्थापित करें ताकि विदेशी नागरिकों और रिहा विदेशी कैदियों को एक स्थान पर रखकर उनकी वापसी की प्रक्रिया को व्यवस्थित और तेज बनाया जा सके.
सरकार का मानना है कि इससे अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की निगरानी और कार्रवाई में आसानी होगी.
बांग्लादेश सीमा पर भी बढ़ी सख्ती
बताया जा रहा है कि राज्य सरकार पहले ही बांग्लादेश सीमा पर बाड़ेबंदी के लिए Border Security Force को जमीन उपलब्ध करा चुकी है.
यह मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक बहस का हिस्सा रहा है और अब नई सरकार बनने के बाद इस दिशा में तेजी से फैसले लिए जा रहे हैं.
घुसपैठ का मुद्दा लंबे समय से रहा है चर्चा में
West Bengal में अवैध घुसपैठ का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक और सुरक्षा एजेंसियों के बीच चर्चा का विषय रहा है.
सरकार का कहना है कि नए कदमों से अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और निर्वासन प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जा सकेगा.

