West Bengal CM Rule: 15 साल तक मुख्यमंत्री रहीं Mamata Banerjee इस बार चुनाव में अपनी सीट भी नहीं बचा पाईं। हालांकि उन्होंने हार को लेकर सवाल उठाए हैं, लेकिन संवैधानिक प्रक्रिया के तहत नई सरकार का गठन तय है।
विधानसभा का कार्यकाल खत्म होते ही क्या होगा?
पश्चिम बंगाल की 17वीं विधानसभा का कार्यकाल 7 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। इसके बाद विधानसभा स्वतः भंग मानी जाएगी और सभी विधायकों की सदस्यता खत्म हो जाएगी।
ऐसी स्थिति में मुख्यमंत्री का पद भी स्वतः समाप्त हो जाता है। यानी, इसके बाद Mamata Banerjee आधिकारिक तौर पर मुख्यमंत्री नहीं रहेंगी, चाहे उन्होंने इस्तीफा दिया हो या नहीं।
इस्तीफा न देने पर भी कैसे बनेगी नई सरकार?
संविधान के अनुसार, नई विधानसभा के गठन के बाद राज्यपाल के पास यह अधिकार होता है कि वह बहुमत दल को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करें।
अगर मौजूदा मुख्यमंत्री इस्तीफा नहीं देती हैं, तो भी:
- राज्यपाल उन्हें पद से हटा सकते हैं
- नई सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं
- बहुमत वाली पार्टी (यहां BJP) को सरकार गठन का न्योता दिया जाता है
क्या राष्ट्रपति शासन लग सकता है?
विशेष परिस्थितियों में, यदि सरकार गठन में कोई स्पष्ट स्थिति नहीं बनती, तो राज्य में राष्ट्रपति शासन भी लगाया जा सकता है। हालांकि, जब किसी पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिल चुका हो, तो इसकी संभावना काफी कम होती है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
संवैधानिक विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में कोई भी सरकार केवल 5 साल के कार्यकाल के लिए ही चुनी जाती है। इसके बाद उसका विस्तार (Extension) नहीं हो सकता। ऐसे में कार्यकाल समाप्त होने पर नई सरकार का गठन अनिवार्य हो जाता है।
निष्कर्ष
पश्चिम बंगाल में चाहे Mamata Banerjee इस्तीफा दें या नहीं, संविधान के तहत नई सरकार का गठन तय है। विधानसभा का कार्यकाल खत्म होते ही नई राजनीतिक प्रक्रिया शुरू हो जाएगी और बहुमत वाली पार्टी को सरकार बनाने का मौका मिलेगा।


