LPG संकट: होर्मुज बंद होने का असर भारत की रसोई तक, मार्च में 13% खपत गिरी

Lpg Consumption Drop India Hormuz Crisis
Lpg Consumption Drop India Hormuz Crisis (PC: BBN24/Social Media)

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और Strait of Hormuz के बंद होने का असर अब सीधे भारत के किचन तक पहुंच गया है। मार्च 2026 में एलपीजी (LPG) की खपत में करीब 12.8% की गिरावट दर्ज की गई है, जो सप्लाई चेन पर दबाव का साफ संकेत है।

कितना गिरा LPG कंजम्प्शन?

पेट्रोलियम योजना एवं विश्लेषण प्रकोष्ठ (PPAC) के आंकड़ों के मुताबिक:

  • 🔻 कुल खपत: 27.29 लाख टन → घटकर 23.79 लाख टन
  • 🔻 घरेलू सिलेंडर सप्लाई: 8.1% कम
  • 🔻 होटल/इंडस्ट्री गैस सप्लाई: 48% की भारी कटौती
  • 🔻 कुछ सेक्टर में गिरावट: 75% तक

👉 यानी सरकार ने प्राथमिकता बदलकर घरेलू जरूरतों को बचाने की कोशिश की

क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट?

भारत की LPG निर्भरता इस संकट की जड़ है:

  • 🇮🇳 भारत अपनी लगभग 60% LPG जरूरत आयात करता है
  • 🛢️ इसका बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों (सऊदी, UAE) से आता है
  • 🚢 ये सप्लाई ज्यादातर होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरती है

👉 जैसे ही यह रास्ता बाधित हुआ,
पूरी सप्लाई चेन डिस्टर्ब हो गई

सरकार का ‘इमरजेंसी प्लान’

संकट को संभालने के लिए सरकार ने कई बड़े फैसले लिए:

🔄 सप्लाई डायवर्जन

  • कमर्शियल और इंडस्ट्रियल गैस काटकर
    👉 घरेलू सिलेंडर की तरफ मोड़ा गया

🏭 रिफाइनरी पर फोकस

  • पेट्रोकेमिकल उत्पादन घटाया गया
  • LPG प्रोडक्शन बढ़ाने के निर्देश दिए गए

📈 घरेलू उत्पादन में उछाल

  • उत्पादन: 11 लाख टन → बढ़कर 14 लाख टन

👉 इससे घरों में गैस की किल्लत को काफी हद तक कंट्रोल किया गया

बाकी ईंधन का क्या हाल?

  • पेट्रोल: 7.6% बढ़ोतरी (मार्च)
  • डीजल: 8.1% बढ़ोतरी
  • ATF (एयर फ्यूल): लगभग स्थिर

👉 मतलब LPG पर असर सबसे ज्यादा पड़ा, क्योंकि यह सीधे आयात पर निर्भर है

क्या आगे और बढ़ेगा संकट?

स्थिति कई चीजों पर निर्भर करेगी:

  • होर्मुज मार्ग पूरी तरह खुलता है या नहीं
  • मिडिल ईस्ट में तनाव कम होता है या बढ़ता है
  • भारत वैकल्पिक सप्लाई रूट ढूंढ पाता है या नहीं

👉 अगर हालात नहीं सुधरे, तो
कीमतों में बढ़ोतरी और सप्लाई पर और दबाव आ सकता है

निष्कर्ष

होर्मुज संकट ने साफ कर दिया कि
👉 भारत की ऊर्जा सुरक्षा अभी भी काफी हद तक आयात पर निर्भर है

सरकार ने फिलहाल स्थिति संभाल ली है,
लेकिन यह घटना एक बड़ा संकेत है कि
👉 लॉन्ग टर्म में वैकल्पिक स्रोत और घरेलू उत्पादन बढ़ाना जरूरी है।

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