Ganga Expressway: Narendra Modi ने उत्तर प्रदेश को एक बड़ी सौगात देते हुए 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया. यह मेगा प्रोजेक्ट Meerut को Prayagraj से सीधे जोड़ता है.
6 लेन का हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे
यह एक्सप्रेसवे 6 लेन का है, जिसे भविष्य में 8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है.
इसे उत्तर प्रदेश के विकास की ‘लाइफलाइन’ माना जा रहा है, जो गांवों, किसानों, उद्योगों और युवाओं को जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा.
12 जिलों को जोड़ता है यह कॉरिडोर
गंगा एक्सप्रेसवे राज्य के 12 प्रमुख जिलों को आपस में जोड़ता है:
- मेरठ
- हापुड़
- बुलंदशहर
- अमरोहा
- संभल
- बदायूं
- शाहजहांपुर
- हरदोई
- उन्नाव
- रायबरेली
- प्रतापगढ़
- प्रयागराज
हवाई पट्टी भी है खास आकर्षण
इस एक्सप्रेसवे की एक खासियत शाहजहांपुर के पास बनी 3.2 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी है, जहां आपात स्थिति में भारतीय वायुसेना के विमान उतर सकते हैं.
लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्री को मिलेगा बूस्ट
एक्सप्रेसवे के किनारे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें:
- वेयरहाउस
- कोल्ड स्टोरेज
- फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स
इससे निवेश बढ़ेगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे.
अन्य एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी
गंगा एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल, आगरा-लखनऊ, बुंदेलखंड और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा, जिससे राज्य में एक मजबूत रोड नेटवर्क तैयार होगा.
आधुनिक सुविधाओं से लैस
- इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS)
- CCTV निगरानी
- इमरजेंसी कॉल बॉक्स
- एम्बुलेंस सेवा
यह एक्सप्रेसवे सिर्फ यात्रा को आसान नहीं बनाएगा, बल्कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई रफ्तार देगा और राज्य को एक बड़े आर्थिक हब के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा.


