उल्हासनगर: महाराष्ट्र के अंबरनाथ के पालेगांव इलाके से एक खौफनाक और शर्मनाक घटना सामने आई है, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया है। एक 12 वर्षीय मासूम बच्चा सिर्फ इसलिए बर्बरता का शिकार बन गया क्योंकि उसने लिफ्ट में क्लोज (Close) बटन दबा दिया था। इस छोटी सी बात पर एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति ने न सिर्फ उसकी बेरहमी से पिटाई की, बल्कि दांत से काटा और चाकू से मारने की धमकी तक दी। यह पूरी वारदात सोसायटी की लिफ्ट में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई है।
CCTV में कैद हुई हैवानियत की तस्वीरें
यह घटना 7 जुलाई की शाम करीब 5 बजे की है। बच्चा जैसे ही लिफ्ट में घुसा, उसने सामने कोई न देख क्लोज बटन दबा दिया। तभी अचानक एक व्यक्ति लिफ्ट में दाखिल हुआ और आते ही बच्चे को मारना शुरू कर दिया। उस ‘अंकल’ ने न केवल गालियां दीं, बल्कि बच्चे के हाथ में दांत से काट लिया और फिर चाकू निकालकर धमकाया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी का बेटा खुद पीड़ित बच्चे का दोस्त है और दोनों के बीच किसी तरह का विवाद नहीं था।
माता–पिता पहुंचे थाने, लेकिन FIR में लगी देरी
बच्चे की हालत देखकर उसके माता-पिता ने तुरंत एंबर्नाथ के शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई, लेकिन पुलिस ने एफआईआर (FIR) दर्ज करने में पूरे चार दिन की देरी की। जबकि उनके पास सीसीटीवी फुटेज जैसी ठोस सबूत मौजूद था, जिसमें आरोपी की हरकतें साफ दिखाई दे रही थीं।
गिरफ्तारी नहीं, गुस्सा बहुत
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर है। इससे न सिर्फ पीड़ित परिवार में रोष है, बल्कि स्थानीय लोग भी बेहद आक्रोशित हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब डीसीपी सचिन गोर ने खुद बयान जारी किया है। उन्होंने कहा, “मामले की जांच जारी है। आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।“
क्या कहता है कानून?
बाल अपराध से जुड़े मामलों में बाल अधिकारों की सुरक्षा सर्वोपरि होती है। भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं के तहत, किसी नाबालिग के साथ मारपीट, धमकी या मानसिक उत्पीड़न करने वाले व्यक्ति पर कड़ी सज़ा का प्रावधान है।
वायरल हुआ वीडियो, सोशल मीडिया पर आक्रोश
इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने अपना गुस्सा जाहिर किया है। ट्विटर, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर #JusticeForChild और #AmbarnathLiftCase जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं।
यह घटना न केवल एक मासूम पर अत्याचार है, बल्कि यह भी दिखाता है कि समाज में असहिष्णुता कितनी बढ़ चुकी है। अब देखना होगा कि क्या आरोपी को जल्द ही सज़ा मिलती है या न्याय की उम्मीदें फिर अधूरी रह जाती हैं।

