UPSC Topper Anuj Agnihotri: कई लोग डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं, लेकिन कुछ लोग डॉक्टर बनकर भी समाज के लिए बड़े स्तर पर काम करना चाहते हैं. ऐसी ही कहानी है अनुज अग्निहोत्री (UPSC AIR Anuj Agnihotri) की. उन्होंने MBBS की पढ़ाई पूरी करने के बाद सिविल सेवा की राह चुनी और आखिरकार तीसरे प्रयास में सफलता हासिल कर ली. आइए उनकी डेली रूटीन को करीब से जानते हैं.
UPSC Topper Daily Routine: अनुज अग्निहोत्री की डेली रूटी
एक इंटरव्यू में अनुज अग्निहोत्री के पिता कृशबिहारी अग्निहोत्री बताते हैं कि अनुज का दिन सुबह करीब 6 बजे शुरू होता था. उठने के बाद वे थोड़ी देर में पढ़ाई में लग जाते थे. उनका कहना है कि सुबह का समय पढ़ाई के लिए सबसे अच्छा होता है क्योंकि उस वक्त दिमाग ज्यादा फ्रेश रहता है.
अनुज कहते हैं कि सुबह के समय वे मुख्य विषयों की पढ़ाई और कठिन टॉपिक्स को समझने पर ज्यादा ध्यान देते थे. दिन की शुरुआत ही पढ़ाई से होने की वजह से उनका पूरा दिन काफी प्रोडक्टिव रहता था.
8 से 9 घंटे करते थे पढ़ाई
UPSC की तैयारी के दौरान अनुज (UPSC Topper Anuj Agnihotri) रोजाना करीब 8 से 9 घंटे पढ़ाई करते थे. वे मानते हैं कि लंबे समय तक बिना रुके पढ़ने से ज्यादा जरूरी है लगातार पढ़ाई करना. इसी वजह से उन्होंने अपनी पढ़ाई को छोटे-छोटे हिस्सों में बांट रखा था. कुछ समय पढ़ाई करने के बाद वे थोड़ा ब्रेक लेते थे और फिर दोबारा पढ़ाई शुरू कर देते थे.
VIDEO | Rajasthan, Rawatbhata: Visuals from the residence of UPSC Civil Services Exam 2025 topper Anuj Agnihotri.
(Full video available on https://t.co/n147TvrpG7)#upsc2025 #upscresults pic.twitter.com/dLhgQh92WP
— Press Trust of India (@PTI_News) March 6, 2026
MBBS की पढ़ाई
अनुज अग्निहोत्री ने जोधपुर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान से MBBS की पढ़ाई की है. मेडिकल की पढ़ाई और इंटर्नशिप के बीच UPSC की तैयारी करना आसान नहीं था. हालांकि उनके सीनियर्स और साथियों ने इस दौरान काफी मदद की. इंटर्नशिप के दौरान कई बार उन्होंने काम का बोझ बांट लिया ताकि अनुज को पढ़ाई के लिए समय मिल सके.
तैयारी के दौरान अनुज ने काफी समय अपने परिवार के साथ बिताया. उनका कहना है कि पढ़ाई के बीच परिवार का साथ मन को मजबूत बनाए रखता है. UPSC की परीक्षा में अनुज को सफलता तीसरे प्रयास में मिली. पहले दो प्रयासों में उन्हें चयन नहीं मिल पाया था. उनका मानना है कि इस परीक्षा में धैर्य सबसे जरूरी होता है.


