MBA का क्रेज हुआ कम! ऑनलाइन से लेकर एग्जीक्यूटिव कोर्स तक घटे आवेदन, ये हैं 5 बड़ी वजहें

Mba Applications Decline 13 Percent 2026 Reasons
Mba Applications Decline 13 Percent 2026 Reasons (PC: BBN24/Social Media)

MBA Application Report 2026: कभी बेहतर नौकरी, ज्यादा सैलरी और मैनेजमेंट के क्षेत्र में ऊंचे पद तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता माने जाने वाले MBA कोर्स की लोकप्रियता में कमी देखने को मिली है। साल 2026 में दुनियाभर में MBA प्रोग्राम में दाखिले के लिए आवेदन करने वाले छात्रों की संख्या में 13% की गिरावट दर्ज की गई है। Graduate Management Admission Council (GMAC) की 2026 Application Trends Survey में यह जानकारी सामने आई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के करीब दो-तिहाई बिजनेस स्कूलों में MBA के लिए आवेदन घटे हैं। खास बात यह है कि गिरावट का असर केवल रेगुलर MBA पर नहीं, बल्कि ऑनलाइन, पार्ट टाइम और एग्जीक्यूटिव MBA जैसे कोर्स पर भी पड़ा है।

दो साल की बढ़ोतरी के बाद MBA आवेदन में गिरावट

GMAC की रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में दुनियाभर में MBA प्रोग्राम के लिए आवेदन में 13% की बढ़ोतरी हुई थी। इसके बाद 2025 में भी आवेदन की संख्या में 2% का इजाफा दर्ज किया गया।

हालांकि, 2026 में यह रुझान बदल गया और MBA आवेदन में 13% की गिरावट आ गई। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कम से कम 10 वर्षों में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में बिजनेस स्कूलों ने आवेदन घटने की जानकारी दी है।

हर तरह के MBA कोर्स पर पड़ा असर

MBA आवेदन में गिरावट केवल दो साल के फुल टाइम कोर्स तक सीमित नहीं रही। इसका असर एक साल के MBA, एग्जीक्यूटिव MBA, ऑनलाइन MBA और पार्ट टाइम प्रोग्राम पर भी देखने को मिला है।

GMAC की रिपोर्ट में अलग-अलग कोर्स के आवेदन में गिरावट का आंकड़ा इस प्रकार दिया गया है:

MBA प्रोग्रामआवेदन में गिरावट
दो साल का फुल टाइम MBA13%
एक साल का MBA11%
एग्जीक्यूटिव MBA18%
फ्लेक्सिबल MBA23%
ऑनलाइन MBA9%
पार्ट टाइम MBA15%

इन आंकड़ों के अनुसार, फ्लेक्सिबल MBA में सबसे ज्यादा 23% की गिरावट दर्ज की गई, जबकि ऑनलाइन MBA में 9% की कमी आई।

अंतरराष्ट्रीय छात्रों की कम होती दिलचस्पी भी वजह

रिपोर्ट में MBA आवेदनों में गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय छात्रों की कम होती दिलचस्पी को भी एक बड़ी वजह बताया गया है।

विदेशी छात्रों के आवेदन घटने से दुनियाभर के बिजनेस स्कूलों के एडमिशन पर असर पड़ा है। खासकर ऐसे संस्थानों के सामने चुनौती बढ़ी है, जो दूसरे देशों से आने वाले छात्रों पर काफी निर्भर रहते हैं।

MBA की बढ़ती फीस और नौकरी को लेकर चिंता

MBA की पढ़ाई का खर्च छात्रों के लिए एक बड़ा सवाल बनता जा रहा है। अब छात्र केवल डिग्री हासिल करने के बजाय यह भी समझना चाहते हैं कि कोर्स पूरा होने के बाद उन्हें कितनी सैलरी मिल सकती है और नौकरी के कितने अवसर उपलब्ध होंगे।

बदलते जॉब मार्केट और करियर के नए विकल्पों के बीच छात्र MBA में निवेश करने से पहले उसके खर्च और संभावित फायदे का आकलन कर रहे हैं।

MBA में दाखिला लेने से पहले फायदे और खर्च का हिसाब लगा रहे छात्र

MBA आवेदन में आई गिरावट से संकेत मिलता है कि मैनेजमेंट की पढ़ाई को लेकर छात्रों की प्राथमिकताओं में बदलाव हो रहा है। अब कोर्स की फीस, करियर के अवसर, संभावित सैलरी और निवेश पर मिलने वाले रिटर्न जैसे पहलुओं पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है।

GMAC की 2026 रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि MBA के पारंपरिक आकर्षण के बावजूद इस साल दुनियाभर के बिजनेस स्कूलों को आवेदन के मामले में चुनौती का सामना करना पड़ा है।

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