बिहार में राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर जारी विवाद के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। शेखपुरा में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी आवास किसी की बपौती नहीं है और लोकतंत्र में कोई भी व्यक्ति किसी सरकारी संपत्ति पर स्थायी अधिकार नहीं जता सकता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राजतंत्र नहीं है, जहां किसी को एक बार घर मिल जाए तो वह हमेशा उसी में बना रहे। उन्होंने बिना नाम लिए विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोगों को अपने घर की चिंता ज्यादा है, जबकि जनता के मुद्दों पर ध्यान कम है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बेटा अलग घर चाहता है और माताजी को अलग घर चाहिए, लेकिन जनता को भूल जाया जाता है।
सम्राट चौधरी ने अपने राजनीतिक जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले दस वर्षों में वह कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे, जिनमें मंत्री, उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री जैसे पद शामिल हैं। इसके बावजूद उन्होंने सरकारी आवास में रहने के बजाय अपने निजी घर में रहना पसंद किया।
मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद समय पर सरकारी आवास खाली कर दिया था। सम्राट चौधरी ने बताया कि उन्होंने 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और इसके बाद 1 मई को नीतीश कुमार नए आवास में चले गए।
राबड़ी देवी को हाल ही में 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने का नोटिस दिया गया है। सरकार का कहना है कि यह आवास अब मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित किया जा चुका है। हालांकि राबड़ी देवी ने आवास खाली करने से इनकार करते हुए कहा था कि यदि सरकार चाहती है तो बल प्रयोग कर आवास खाली करा सकती है।
इस विवाद पर तेज प्रताप यादव भी प्रतिक्रिया दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि यदि पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार को नोटिस दिया जाए और वे आवास खाली करें, तो राबड़ी देवी भी घर छोड़ देंगी।
अपने संबोधन में सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री आवास को “लोक सेवक आवास” कहे जाने की भी बात दोहराई। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक पद पर बैठे लोगों को खुद को जनता का सेवक मानकर काम करना चाहिए और सरकारी सुविधाओं को निजी संपत्ति नहीं समझना चाहिए।
राबड़ी आवास को लेकर चल रहा यह विवाद अब बिहार की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन चुका है और इसे लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है।

