पटना: बिहार में विधान परिषद चुनाव की सरगर्मी के बीच रोहिणी आचार्य के पटना लौटने से लालू परिवार और आरजेडी की राजनीति एक बार फिर चर्चा में आ गई है. रोहिणी आचार्य अपने पिता लालू प्रसाद यादव के बुलावे पर सिंगापुर से पटना पहुंची हैं. हालांकि, पटना एयरपोर्ट पर उनके स्वागत के दौरान तेजस्वी यादव मौजूद नहीं थे.
रोहिणी आचार्य ने पटना पहुंचने के बाद कहा कि वह अपने पिता के बुलावे पर आई हैं और उनके आने को राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए. हालांकि, पार्टी सूत्रों के हवाले से यह चर्चा है कि आरजेडी उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी देने पर विचार कर सकती है. अभी इस संबंध में पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.
MLC चुनाव के बीच पटना लौटीं रोहिणी
रोहिणी आचार्य की वापसी ऐसे समय हुई है, जब बिहार में विधान परिषद की आठ सीटों के लिए चुनाव होने हैं. इन सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान होना है. आरजेडी ने आठ में से छह सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं. इनमें तीन सीटों पर आरजेडी और कांग्रेस के उम्मीदवार आमने-सामने हैं.
एयरपोर्ट पर लालू-राबड़ी ने किया स्वागत
पटना एयरपोर्ट पर रोहिणी के पहुंचने पर लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने उनका स्वागत किया. इस दौरान मीसा भारती भी मौजूद थीं. रोहिणी अपने माता-पिता से गले मिलती नजर आईं. एयरपोर्ट पर तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी. आरजेडी प्रवक्ता चितरंजन गगन ने बताया कि तेजस्वी यादव दिल्ली में थे, इसलिए वह एयरपोर्ट नहीं पहुंच सके.
राजनीतिक भूमिका पर अभी तस्वीर साफ नहीं
रोहिणी आचार्य के पटना लौटने के बाद उनकी संभावित राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. हालांकि, उन्होंने खुद कहा है कि वह राजनीति के लिए पटना नहीं आई हैं. पार्टी की ओर से भी उन्हें कोई नई जिम्मेदारी देने की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. इसलिए उनकी वापसी का राजनीतिक असर क्या होगा, यह आने वाले दिनों में ही स्पष्ट होगा.

