बिहार के इस शहर में खुलेगा खास खादी मॉल, 6.64 करोड़ की लागत… जानिए क्या मिलेगा यहां ऐसा जो कहीं और नहीं!

पूर्णिया में बन रहा है बिहार का तीसरा खादी मॉल, मिलेगा हर्बल कॉस्मेटिक से लेकर मधुबनी की साड़ियां तक, जानिए इसका युवाओं को कैसे मिलेगा सीधा फायदा

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Purnia Khadi Mall Opening Soon Benefits Local Artisans
Purnia Khadi Mall Opening Soon Benefits Local Artisans (Source: BBN24/Google/Social Media)

6.64 करोड़ की लागत से बन रहा है मॉल, मिलेगा स्थानीय कारीगरों को बड़ा बाजार

बिहार सरकार खादी और ग्रामोद्योग को नया मुकाम देने जा रही है। इसी कड़ी में पूर्णिया जिले के भट्टी चौक स्थित गांगुली पाड़ा में राज्य का तीसरा खादी मॉल बनकर तैयार हो रहा है। ₹6.64 करोड़ की लागत से तैयार यह मॉल जल्द जनता के लिए खोला जाएगा।

60% काम पूरा, अब इंतजार उद्घाटन का

करीब 14,633 वर्गफुट में फैला यह तीन मंजिला मॉल पूर्वी बिहार का मॉडल बनकर उभर रहा है। बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड ने एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर निर्माण की प्रगति साझा करते हुए बताया कि 60% काम पूरा हो चुका है और जल्द ही इसे शुरू कर दिया जाएगा। यह मॉल सिर्फ पूर्णिया नहीं बल्कि कटिहार, अररिया और किशनगंज जैसे सीमावर्ती जिलों के कारीगरों के लिए भी फायदेमंद होगा।

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क्या मिलेगा इस मॉल में खास?

इस मॉल में बिकेंगे खादी वस्त्र, हस्तनिर्मित शिल्प, हर्बल कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स और स्थानीय उत्पाद
कुछ प्रमुख आकर्षण:

  • मधुबनी पेंटिंग वाली खादी साड़ियां
  • रॉ सिल्क और मटका सिल्क खादी बंदी (गोल्डन, मरून, मस्टर्ड आदि रंगों में)
  • जूट बैग्स और पर्स (इको-फ्रेंडली डिजाइन)
  • खादी नेचुरल हर्बल प्रोडक्ट्स (KVIC, ISO और आयुष प्रमाणित)
  • ‘किसान चाची’ ब्रांड के अचार – आम, नींबू, मिर्च, लहसुन आदि
  • बलूचारी और मधुबनी स्टाइल की साड़ियां – सुनहरी जरी, फ्लोरल बॉर्डर के साथ

यह मॉल बिहार की संस्कृति और शिल्पकला को एक नई पहचान देगा।

स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा

पूर्णिया का यह मॉल सिर्फ खरीदारी का नहीं, बल्कि स्वरोजगार और स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने का माध्यम बनेगा। सरकार का लक्ष्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है, और यह मॉल स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का एक सशक्त मंच बन सकता है।

पटना और मुजफ्फरपुर के बाद अब पूर्णिया

पटना और मुजफ्फरपुर में पहले से खादी मॉल मौजूद हैं और उनकी सफलता के बाद ही पूर्णिया में इसे शुरू किया जा रहा है। पटना का खादी मॉल गांधी मैदान के पास 1814.76 वर्गमीटर में फैला है और अब यह मॉडल पूर्वी बिहार में भी लागू किया जा रहा है।

2022 में होना था तैयार, अब 2025 में खुलेगा

इस मॉल का निर्माण कार्य 2022 तक पूरा होना था लेकिन देरी के कारण अब इसे 2025 में खोला जा रहा है। हालांकि, अब उम्मीद जताई जा रही है कि यह स्थानीय लोगों को रोजगार, ब्रांडिंग और सांस्कृतिक पहचान का एक मजबूत प्लेटफॉर्म प्रदान करेगा।


पूर्णिया का यह खादी मॉल न केवल ग्रामीण उत्पादों को शहरों तक लाएगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी खोलेगा। सरकार को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि मॉल का संचालन समय पर शुरू हो और उत्पादों की गुणवत्ता व उपलब्धता बनी रहे। यह मॉल बिहार की सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक ठोस कदम हो सकता है।

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