पटना के सरकारी स्कूल में कक्षा 5 की छात्रा की रहस्यमयी मौत ने बड़ा मोड़ ले लिया है। 12 वर्षीय बच्ची को स्कूल के बाथरूम में गंभीर जलन के साथ पाया गया और बाद में उसकी मौत हो गई। परिवार का दावा है कि यह कोई हादसा नहीं बल्कि हत्या है।
परिवार के संगीन आरोप
परिजनों का आरोप है कि बच्ची ने एक हफ्ते पहले स्कूल के एक पुरुष और महिला शिक्षक को “आपत्तिजनक स्थिति” में देखा था। इसके बाद उसे चुप रहने की धमकी दी गई। बहन ने बताया कि बच्ची प्रिंसिपल को सबकुछ बताने वाली थी, तभी यह वारदात हो गई।
घटना के दिन क्या हुआ
पीड़िता सुबह 9 बजे स्कूल गई थी और करीब 10 बजे हादसा हुआ। लेकिन परिवार को दोपहर 12 बजे तक सूचना नहीं दी गई। परिजन सवाल उठा रहे हैं कि जब उनका घर स्कूल के पास ही है, तो उन्हें देर से क्यों बताया गया?
न्याय की मांग और पुलिस पर सवाल
पीड़िता के पिता, जो सब्जी बेचकर परिवार चलाते हैं, ने दोषियों को फांसी देने की मांग की है। उन्होंने पुलिस पर भी लापरवाही का आरोप लगाया। स्थानीय लोगों का कहना है कि दुख साझा करने के बजाय पुलिस ने पड़ोसियों पर लाठीचार्ज किया और कई लोगों को हिरासत में लिया।
जांच में खुली लापरवाही
घटना के बाद जांच में सामने आया कि स्कूल में लगे CCTV कैमरे खराब थे। पुलिस ने शुरुआती जांच में पाया कि शौचालय का दरवाज़ा अंदर से बंद था, लेकिन जबरन तोड़कर बच्ची को बाहर निकाला गया। हालांकि परिजनों का कहना है कि यह ‘हत्या को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश’ है।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
सिटी एसपी (सेंट्रल) दीक्षा ने पुष्टि की है कि पिता के बयान पर FIR दर्ज की गई है और एक विशेष जांच टीम बनाई गई है। शिक्षकों और स्टाफ से पूछताछ की जा रही है। वहीं, चाइल्ड वेलफेयर कमिटी जब निरीक्षण के लिए स्कूल पहुंची तो वह बंद मिला।


