राजधानी पटना में सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा के जबरदस्त प्रदर्शन ने शहर का राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया। सैकड़ों किसानों ने जमीन अधिग्रहण को लेकित सही मुआवजे की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास तक कूच करने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस के साथ उनकी झड़प हो गई। आरजेडी के बक्सर सांसद सुधाकर सिंह के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में भारी पुलिस बल को तैनात किया गया था।
प्रदर्शनकारी किसान बुद्धा पार्क से पटना जंक्शन होते हुए सीएम आवास की ओर बढ़े। हालांकि, डाकबंगला चौराहे पर पहुंचने से पहले ही पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। किसानों ने बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इस घटना के बाद वाटर कैनन जैसे साधन भी मौके पर तैनात कर दिए गए।
क्या हैं किसानों की मुख्य मांगें?
संयुक्त किसान मोर्चा के अध्यक्ष राम प्रवेश यादव ने बताया, “सरकार किसानों की जमीन का जबरन अधिग्रहण कर रही है, लेकिन हमें 2014 की दरों पर मुआवजा दिया जा रहा है। यह बिल्कुल भी न्यायसंगत नहीं है। 2025 की current market rate के हिसाब से हमें पूरा मुआवजा मिलना चाहिए।”
यह विवाद भारतमाला परियोजना के तहत बक्सर जिले में शुरू हुए सड़क निर्माण कार्य को लेकर है। किसानों का आरोप है कि इस परियोजना में हजारों किसानों की जमीन ली जा रही है, लेकिन उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है।
राजनीतिक रंग
इस प्रदर्शन ने तब और राजनीतिक रंग ले लिया, जब विपक्षी दल आरजेडी के सांसद सुधाकर सिंह प्रदर्शनकारियों के साथ नजर आए। उन्होंने किसानों का नेतृत्व किया और सरकार पर किसान-विरोधी होने का आरोप लगाया। उनकी मौजूदगी ने इस घटना को स्थानीय मुद्दे से एक बड़े राजनीतिक विरोध में बदल दिया।
पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने का दावा किया है और कहा है कि मामले की जांच की जा रही है। सरकार की ओर से अभी तक इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।


