विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश कुमार का मास्टरस्ट्रोक! पत्रकारों को दिया ऐसा तोहफा, जानकर हर कोई रह गया हैरान

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पत्रकारों के पेंशन में भारी बढ़ोतरी कर दी है, चुनाव से पहले इस फैसले से राजनीतिक हलकों में मचा हड़कंप

Nitish Kumar Increases Journalist Pension Before Bihar Election
Nitish Kumar Increases Journalist Pension Before Bihar Election (Source: BBN24/Google/Social Media)

पटना: बिहार में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी तेज़ हो गई है और इसके पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक के बाद एक बड़े फैसले लेते जा रहे हैं। महिलाओं को 35% आरक्षण और 125 यूनिट मुफ्त बिजली के ऐलान के बाद अब उन्होंने राज्य के पत्रकारों को एक खास तोहफा दिया है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने एक्स (X) हैंडल पर पोस्ट करते हुए जानकारी दी कि “बिहार पत्रकार सम्मान पेंशन योजना” के तहत मिलने वाली राशि में भारी बढ़ोतरी की जा रही है।

अब पत्रकारों को मिलेंगे ₹15,000, आश्रितों को भी राहत

नीतीश कुमार ने घोषणा की कि अब तक पत्रकारों को हर महीने ₹6,000 की पेंशन मिलती थी, जिसे बढ़ाकर ₹15,000 प्रतिमाह कर दिया गया है। यही नहीं, जो पत्रकार इस योजना के तहत पहले से पेंशन ले रहे थे, और जिनकी मृत्यु हो चुकी है, उनके आश्रित पति/पत्नी को भी अब ₹10,000 प्रतिमाह पेंशन मिलेगी, जो पहले ₹3,000 थी।

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लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मिला सम्मान

नीतीश कुमार ने कहा कि “लोकतंत्र में पत्रकारों की अहम भूमिका है। वे समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदार हैं। हम शुरू से ही पत्रकारों की सुविधाओं का ख्याल रखते आए हैं ताकि वे निष्पक्ष रूप से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें।”

उन्होंने आगे कहा कि पत्रकारों को सेवानिवृत्ति के बाद भी सम्मानजनक जीवन जीने का हक है, और इसी सोच के साथ यह निर्णय लिया गया है।

चुनावी मौसम में बड़ा राजनीतिक संकेत

नीतीश कुमार का यह कदम साफ तौर पर विधानसभा चुनाव 2025 से पहले एक राजनीतिक मास्टरस्ट्रोक के रूप में देखा जा रहा है। पत्रकारों के इस वर्ग को साधकर वे मीडिया में सकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं यह फैसला लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूती देने की दिशा में भी एक सराहनीय पहल है।


नीतीश कुमार की यह घोषणा सिर्फ एक सरकारी योजना में बदलाव नहीं, बल्कि चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने वाला बड़ा कदम है। अब देखना यह होगा कि इस पेंशन बढ़ोतरी का असर कितनी दूर तक होता है और चुनावी नतीजों पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है।

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