Bihar Politics: मंत्री बनने के बाद Nishant Kumar ने कहा कि उनकी प्राथमिकता राज्य में सभी लोगों को समान और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अमीर-गरीब के बीच किसी तरह का भेदभाव नहीं होगा।
नीतीश कुमार के काम को आगे बढ़ाने की बात
पदभार संभालते ही Nishant Kumar ने अपने पिता Nitish Kumar की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने पिछले 20 वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में कई अहम काम किए हैं। अब उनकी कोशिश होगी कि उन योजनाओं को और आगे बढ़ाया जाए।
सीएम सम्राट चौधरी को दिया संदेश
उन्होंने मुख्यमंत्री Samrat Chaudhary का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है, उसे पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निभाने की कोशिश करेंगे।
सदस्यता को लेकर क्या है नियम?
गौरतलब है कि Nishant Kumar फिलहाल किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। ऐसे में उन्हें अगले छह महीने के भीतर विधायक या एमएलसी बनना होगा, तभी वे मंत्री पद पर बने रह सकते हैं।
कैबिनेट में किसकी कितनी हिस्सेदारी?
सम्राट कैबिनेट में भाजपा, जदयू और एनडीए के अन्य सहयोगी दलों को जगह दी गई है:
- भाजपा: 15 मंत्री
- जदयू: 13 मंत्री
- लोजपा (रामविलास): 2 मंत्री
- हम: 1 मंत्री
- RLM: 1 मंत्री
निष्कर्ष
स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी संभालते ही Nishant Kumar ने साफ कर दिया है कि उनका फोकस स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर रहेगा। अब देखना होगा कि वे अपने इस वादे को जमीन पर कैसे उतारते हैं।

