भगलगपुर (नवगछिया): बिहार का नवगछिया एक बार फिर नशे के काले कारोबार की वजह से सुर्खियों में है। पुलिस ने खुलासा किया है कि अब महिलाएं भी ब्राउन शुगर और स्मैक की तस्करी में सक्रिय हो गई हैं। मणिपुर और पश्चिम बंगाल से करोड़ों रुपये की खेप बिहार लाई जा रही है। स्थानीय लोग खासकर युवाओं की बढ़ती लत को लेकर बेहद चिंतित हैं।
महिला तस्कर ‘जूली उर्फ माही’ रंगे हाथ पकड़ी गई
नवगछिया पुलिस ने पश्चिम बंगाल के मालदा की रहने वाली जूली उर्फ माही को गिरफ्तार किया। उसके पास से 750 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई, जिसे उसने डेयरी मिल्क सेलिब्रेशन पैकेट में छिपा रखा था। पुलिस के मुताबिक, बरामद माल की कीमत करीब 1 करोड़ रुपये है और यह खेप सहू टोला भवानीपुर निवासी गुंजन कुमार को सौंपी जानी थी।
जूली ने पूछताछ में बताया कि उसने पिछले दो महीने में तीन बार ऐसी खेप बिहार पहुंचाई और हर बार मोटी रकम ली।
पिछले महीने भी पकड़ी गई थी 3 करोड़ की खेप
इसी तरह पिछले महीने भी मणिपुर की दो महिलाओं को 2 किलो से ज्यादा ब्राउन शुगर के साथ पकड़ा गया था। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर अवध असम ट्रेन से आ रही महिलाओं को नवगछिया में रोका और ड्रग्स जब्त की। पूछताछ में उन्होंने कबूला कि वे नियमित रूप से मोटी रकम लेकर तस्करी करती थीं।
नवगछिया बना ‘हब’, पुलिस का खुलासा
पुलिस रिकॉर्ड बताते हैं कि नवगछिया कई सालों से ब्राउन शुगर और स्मैक के स्टोरेज व सप्लाई का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। दिसंबर 2024 में पूर्णिया पुलिस ने 5 किलो स्मैक के साथ तस्करों को पकड़ा था। तब खुलासा हुआ था कि मणिपुर से कच्चा माल लाकर बंगाल में प्रोसेस कर बिहार भेजा जाता है। अनुमान है कि ये गैंग हर महीने करोड़ों कमाते हैं और पैसों की लालच में युवाओं को नेटवर्क से जोड़ते हैं।
महिलाओं की बढ़ती भूमिका से पुलिस चिंतित
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस अवैध धंधे में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी बेहद गंभीर संकेत है। आसान उपलब्धता और सस्ते दाम पर नशा युवाओं की एक पूरी पीढ़ी को बर्बादी की ओर धकेल रहा है। खासकर कोसी-सीमांचल और आसपास के इलाकों में हालात बेहद खतरनाक बन चुके हैं।
हालांकि पुलिस का शिकंजा लगातार जारी है, लेकिन नशे के इस गहरे जाल को खत्म करना बड़ी चुनौती बन चुका है।


