Bihar Road Projects: बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पटना में हुई बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग, एक्सप्रेस-वे और अन्य प्रमुख सड़क परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की। बैठक में पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे, गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे, पटना रिंग रोड समेत कई योजनाएं शामिल रहीं।
पटना में सड़क परियोजनाओं की हुई समीक्षा
बिहार में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने और चल रही परियोजनाओं में तेजी लाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कई योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में केंद्र और राज्य से जुड़ी सड़क परियोजनाओं की मौजूदा स्थिति, निर्माण कार्य और सामने आ रही चुनौतियों पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने और निर्माण कार्य के दौरान आने वाली समस्याओं का जल्द समाधान करने पर जोर दिया।
पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे और गोरखपुर-सिलीगुड़ी परियोजना पर चर्चा
बैठक में पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे और गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इसके अलावा मुजफ्फरपुर-बरौनी फोरलेनिंग, दरभंगा-सुपौल हाईवे, खगड़िया-पूर्णिया, मुजफ्फरपुर-सोनबरसा और आमस-दरभंगा परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई।
मुंगेर-मिर्जाचौकी, बाकरपुर-मानिकपुर-साहेबगंज कॉरिडोर, सीवान-मशरख और डुमरिया घाट पुल से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की गई। इन परियोजनाओं का उद्देश्य बिहार के अलग-अलग हिस्सों के बीच सड़क संपर्क को बेहतर बनाना है।
पटना रिंग रोड और दानापुर-बिहटा कॉरिडोर भी एजेंडे में
पटना और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को बेहतर करने वाली परियोजनाओं पर भी बैठक में विशेष चर्चा हुई। इसमें पटना रिंग रोड, दानापुर-बिहटा कॉरिडोर और बिहटा-कोइलवर सड़क के उन्नयन से जुड़े कार्य शामिल रहे।
इसके अलावा NH-22 और NH-31 के अनीसाबाद-दीदारगंज खंड में सर्विस रोड के साथ छह लेन की एलिवेटेड रोड परियोजना की भी समीक्षा की गई।
बैठक में पटना-आरा-सासाराम फोरलेन कॉरिडोर और छह लेन गंगा पुल से जुड़े कार्यों पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही छह लेन वाले ग्रीनफील्ड वाराणसी-रांची-कोलकाता हाईवे की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
NH-139 को फोरलेन बनाने के लिए DPR तैयार करने का निर्देश
बैठक में औरंगाबाद-अंबा बाईपास और NH-139 को फोरलेन बनाने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी DPR तैयार करने का निर्देश दिया गया।
इसके अलावा NH-333 के बरियारपुर-गंगटा-जमुई खंड को फोरलेन बनाने के लिए भी DPR तैयार करने को कहा गया। हालांकि, इन परियोजनाओं के निर्माण शुरू होने की निश्चित तारीख की जानकारी सामने नहीं आई है।
सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर नितिन गडकरी का जोर
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सड़क निर्माण में गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप होना चाहिए।
घटिया निर्माण करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की बात भी कही गई। परियोजनाओं की निगरानी को प्रभावी बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI तकनीक के इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई।
बिहार की गाद नीति की भी चर्चा
बैठक में बिहार सरकार की उस नीति पर भी चर्चा हुई, जिसके तहत सड़क निर्माण में नदियों से निकलने वाली गाद यानी सिल्ट के इस्तेमाल की संभावना है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस नीति को पूरे देश के लिए मॉडल बताया। इस पहल के तहत सड़क निर्माण में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।
सड़क परियोजनाओं से कनेक्टिविटी को मिलेगा फायदा
बिहार में एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय राजमार्ग और फोरलेन परियोजनाओं के विस्तार से राज्य के विभिन्न हिस्सों के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है। इससे यात्रा के साथ-साथ व्यापार, उद्योग और पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों को भी मदद मिल सकती है।
हालांकि, इन परियोजनाओं का वास्तविक असर उनके समय पर पूरा होने और निर्माण के बाद प्रभावी संचालन पर निर्भर करेगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में केंद्र सरकार की सड़क परियोजनाओं को गति देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के प्रति आभार व्यक्त किया।

