Bihar Cabinet Expansion: मुख्यमंत्री Samrat Chaudhary के नेतृत्व में बिहार मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया है, जिसमें सामाजिक और जातीय संतुलन पर खास जोर दिया गया है। 34 सदस्यीय इस कैबिनेट में हर वर्ग को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश साफ नजर आती है।
Bihar Cabinet Expansion: इस बार सबसे अधिक फोकस अति पिछड़ा वर्ग (EBC) पर रहा है, जबकि दलित, ओबीसी, सवर्ण और अल्पसंख्यक समुदायों को भी संतुलित हिस्सेदारी दी गई है।
EBC वर्ग को मिला सबसे ज्यादा महत्व
मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा प्रतिनिधित्व EBC वर्ग को मिला है। इस वर्ग से कई प्रमुख नेताओं को शामिल किया गया है, जिनमें दिलीप जायसवाल, केदार गुप्ता, प्रमोद चंद्रवंशी, अरुण शंकर प्रसाद और श्वेता गुप्ता जैसे नाम शामिल हैं।
इसके अलावा मल्लाह, धानुक और गंगोता समाज से भी मंत्रियों को जगह देकर इस वर्ग को मजबूत संदेश दिया गया है।
सवर्ण वर्ग से 9 मंत्री
सवर्ण समुदाय को भी सरकार में अहम जिम्मेदारी दी गई है।
- भूमिहार समाज से विजय चौधरी, विजय सिन्हा, कुमार शैलेन्द्र
- ब्राह्मण समाज से Nitish Mishra और मिथिलेश तिवारी
- राजपूत समाज से लेसी सिंह, संजय सिंह टाइगर, श्रेयसी सिंह, संजय कुमार सिंह
कुल मिलाकर 9 सवर्ण नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।
ओबीसी वर्ग को मजबूत हिस्सेदारी
ओबीसी वर्ग से भी कई नेताओं को जगह मिली है:
- कुर्मी समाज से श्रवण कुमार और निशांत कुमार
- यादव समाज से विजेंद्र यादव और रामकृपाल यादव
- कुशवाहा समाज से भगवान सिंह कुशवाहा और दीपक प्रकाश
- वैश्य समाज से रामचंद्र प्रसाद
दलित और अल्पसंख्यक समुदाय को भी स्थान
दलित वर्ग से 7 नेताओं को मंत्री बनाया गया है, जिनमें अशोक चौधरी, रत्नेश सादा, सुनील कुमार, नंद किशोर राम, लखेंद्र पासवान, संतोष सुमन और संजय कुमार शामिल हैं।
वहीं अल्पसंख्यक समुदाय से जमा खान को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है।
निष्कर्ष
बिहार के इस नए मंत्रिमंडल को NDA की बड़ी सामाजिक इंजीनियरिंग रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। Samrat Chaudhary सरकार ने विभिन्न जातीय समूहों को संतुलित प्रतिनिधित्व देकर आगामी राजनीतिक समीकरणों को साधने की कोशिश की है।

