औरंगाबाद में बुधवार को विजिलेंस टीम ने नगर थाना के सब-इंस्पेक्टर (एसआई) उमेश राम को 20,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। हाल ही में उनकी पोस्टिंग नालंदा में की गई थी, लेकिन वे अभी तक औरंगाबाद से रिलीव नहीं हुए थे।
वकील ने दर्ज कराई लिखित शिकायत
विजिलेंस विभाग को यह कार्रवाई एक लिखित शिकायत के बाद करनी पड़ी। शिकायतकर्ता, अधिवक्ता राजेश कुमार सिन्हा (वार्ड 23, विराटपुर मोहल्ला निवासी) ने आरोप लगाया था कि एसआई उमेश राम ने जब्त किए गए एलपीजी सिलेंडर लौटाने के एवज में 20,000 रुपये की मांग की।
गैस सिलेंडर केस से जुड़ा रिश्वत कांड
यह मामला सिन्हा के घर से संचालित एक सीएचपी शाखा से जुड़ा है, जिसका पंजीकरण उनकी पत्नी सीमा कुमारी अंबष्ट के नाम से है। वार्ड पार्षद आरती श्रीवास्तव ने पहले ही इस शाखा की अनियमितताओं की शिकायत एसडीओ से की थी। इसके बाद आपूर्ति विभाग की टीम ने छापेमारी में 20 भरे और 60 खाली सिलेंडर बरामद किए, जबकि नियम के अनुसार केवल 7 भरे सिलेंडर रखने की अनुमति है। इसी मामले की जांच एसआई उमेश राम कर रहे थे।
विजिलेंस ने किया ट्रैप, पकड़ाया दारोगा
शिकायत दर्ज होने के बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही एसआई ने 20,000 रुपये लिए, टीम ने उन्हें धर दबोचा और सर्किट हाउस ले जाकर औपचारिकताएं पूरी कीं।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद उमेश राम से पूछताछ हुई और उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल आगे की जांच जारी है।


