Bihar में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी को लेकर रिपोर्टिंग करने वाले वरिष्ठ पत्रकार Ajit Anjum के खिलाफ FIR दर्ज हो गई है। Begusarai के Sahebpur Kamal विधानसभा क्षेत्र के बूथ लेवल ऑफिसर Ansarulhaq की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि Anjum ने वोटर लिस्ट में हो रही गड़बड़ियों की पोल खोलने वाला वीडियो प्रकाशित किया जिसमें फार्म अधूरे भरे गए थे और फील्ड ऑपरेशन में भी भारी अनियमितताएं सामने आई थीं।
FIR दर्ज होते ही Ajit Anjum ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसे प्रेस की आज़ादी पर हमला बताया। उन्होंने लिखा, “मैंने पत्रकारिता का कर्तव्य निभाया है। जो गड़बड़ियां दिखीं, वो सामने लाई। कई जगहों पर अधूरे फार्म भरे जा रहे हैं और जमा किए जा रहे हैं।”
उन्होंने दावा किया कि SDM और BDO समेत स्थानीय प्रशासन ने वीडियो रोकने के लिए उन पर दबाव बनाया। “SDM और BDO के कई फोन आए कि वीडियो न डालूं, क्योंकि कैमरे में बहुत कुछ कैद हो गया था जो उनके लिए शर्मिंदगी का कारण बना।”
बेगूसराय के एक मुस्लिम BLO को मेरे खिलाफ मोहरा बनाया है . मेरे वीडियो में ऐसा कुछ नहीं , जो इस FIR में कहा गया है . आप लोग देखें और तय करें .
— Ajit Anjum (@ajitanjum) July 14, 2025
चालीस मिनट के वीडियो में कई सवाल हैं , जिनका जवाब चुनाव आयोग को देना चाहिए .
मेरे वीडियो को पब्लिश होने से रोकने के लिए कई बार SDM और BDO… pic.twitter.com/xoby16lqAJ
Ajit Anjum ने यह भी कहा कि BLO को मजबूर कर उनके खिलाफ शिकायत करवाई गई है। उन्होंने 40 मिनट का अपना वीडियो देखने की अपील करते हुए कहा कि लोग खुद तय करें कि उसमें क्या गलत है।
इस पूरे विवाद पर वरिष्ठ पत्रकार Ravish Kumar भी खुलकर सामने आ गए। उन्होंने Election Commission पर तीखा हमला करते हुए इसे ‘FIR Commission’ कहा। Ravish Kumar ने X पर लिखा, “विपक्ष को हर गांव में जाकर पूछना चाहिए कि वोटर लिस्ट अपडेट के नाम पर रसीद क्यों दी गई? Commission को अपने बोर्ड से हटा देना चाहिए कि BLO दो फॉर्म लेकर जा रहे हैं। FIR उसपर होनी चाहिए जिसने ये आदेश दिया। Commission को @ajitanjum का धन्यवाद करना चाहिए और FIR वापस लेनी चाहिए।”
चुनाव आयोग का नाम FIR आयोग कर देना चाहिए। विपक्ष को गांव गांव जाना चाहिए और वोटर से पूछना चाहिए कि क्यों उन्हें पावती रसीद मिली है? या फिर आयोग को अपने बोर्ड से हटवा देना चाहिए कि BLO दो फॉर्म लेकर जा रहे हैं? यह निर्देश जिसने दिया है और जिसने लिखवाया है, FIR उसके ख़िलाफ़ होनी… https://t.co/iFAajuPU1N
— ravish kumar (@ravish_journo) July 14, 2025
फिलहाल Election Commission ने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।



