Aditya Kumar Viral Video: बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं और शिक्षक भर्ती से जुड़े छात्र आंदोलन के बीच छह वर्षीय आदित्य कुमार का मामला एक बार फिर चर्चा में है। प्रदर्शन के दौरान हाथ में तिरंगा लेकर पहुंचे आदित्य के सवालों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। अब उसके माता-पिता ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का दावा है कि उन्हें और बच्चे को पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा और घटना के बाद वे आदित्य की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
आदित्य के पिता का दावा- करीब सात घंटे थाने में रखा
आदित्य के पिता रंजीत कुमार के मुताबिक, घटना के बाद उन्हें और उनकी पत्नी मुन्नी कुमारी को पुलिस थाने ले गई थी। उनका आरोप है कि दोनों को करीब सात घंटे तक थाने में रखा गया। रंजीत कुमार ने पुलिस पर उनके और उनकी पत्नी के साथ मारपीट करने का भी आरोप लगाया है।
परिवार के अनुसार, यह कार्रवाई उस समय हुई जब आदित्य प्रदर्शन स्थल पर पुलिस से सवाल कर रहा था। बताया गया कि उसने एक घायल छात्र को देखकर पुलिस से पूछा था कि उसके सिर पर चोट कैसे लगी। इसके बाद पुलिस उसे अपने साथ ले गई।
जिद करने पर माता-पिता के साथ प्रदर्शन में गया था आदित्य
रंजीत कुमार ने बताया कि आदित्य प्रदर्शन में जाने की जिद कर रहा था। परिवार ने उसे अकेले जाने से मना किया, लेकिन उसके बार-बार कहने के बाद माता-पिता भी उसके साथ चले गए।
पिता का कहना है कि वे खुद प्रदर्शन या नारेबाजी में शामिल होने के लिए नहीं गए थे। वे केवल अपने छह वर्षीय बच्चे के साथ उसकी सुरक्षा के लिए मौजूद थे। जब उन्हें लगा कि प्रदर्शन समाप्त हो गया है, तो वे आदित्य को लेकर वहां से लौटने लगे।
रास्ते में पुलिस ने बच्चे को फिर अपने साथ लिया
परिवार का आरोप है कि वापस लौटते समय पुलिस ने आदित्य की मां को रोका और बच्चे के बारे में पूछताछ की। इसके बाद पुलिस ने आदित्य को दोबारा अपने साथ ले लिया।
रंजीत कुमार के मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने उन्हें भरोसा दिया था कि बच्चे को लेकर उन्हें घर पहुंचा दिया जाएगा, लेकिन बाद में उन्हें थाने ले जाया गया। परिवार का आरोप है कि थाने में उनसे पूछताछ की गई और इसी दौरान उनके साथ मारपीट हुई।
मां बोलीं- बच्चे की सुरक्षा को लेकर डर लग रहा
आदित्य की मां मुन्नी कुमारी ने भी पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुलिस की ओर से उन्हें बच्चे को दोबारा किसी प्रदर्शन में नहीं लाने के लिए कहा गया।
घटना के बाद परिवार अपने बच्चे की सुरक्षा को लेकर चिंतित है। मां के मुताबिक, उन्हें इस बात की भी चिंता है कि भविष्य में बच्चे को लेकर कोई और कार्रवाई न हो।
हालांकि, परिवार की ओर से लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
तिरंगा लेकर प्रदर्शन में पहुंचा था छह साल का आदित्य
दरअसल, 25 अगस्त को पटना में बीपीएससी अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के दौरान छह वर्षीय आदित्य हाथ में तिरंगा लेकर पहुंचा था। पहली कक्षा में पढ़ने वाले इस बच्चे ने बेरोजगारी, परीक्षा व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई जैसे मुद्दों पर सवाल पूछे थे।
उसके बेबाक अंदाज में सवाल पूछने के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। कम उम्र में छात्र आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर बोलने के कारण आदित्य लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
पुलिस का पक्ष भी सामने आना जरूरी
आदित्य के माता-पिता ने पुलिस पर मारपीट और बच्चे को उनसे अलग रखने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस की ओर से पहले बच्चे को हिरासत में लेने के आरोपों से इनकार किया गया था। पुलिस का कहना था कि प्रदर्शन स्थल पर भीड़ और तनाव की स्थिति को देखते हुए बच्चे को सुरक्षा की दृष्टि से अलग स्थान पर ले जाया गया था और बाद में उसे उसके माता-पिता को सौंप दिया गया।
ऐसे में परिवार के नए आरोपों पर पुलिस का विस्तृत और आधिकारिक पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण है।
छात्र आंदोलन भी जारी
पटना में बीपीएससी और शिक्षक भर्ती परीक्षाओं से जुड़े कई मुद्दों को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, भर्ती व्यवस्था, परीक्षा कैलेंडर, रिक्तियों और कथित अनियमितताओं समेत विभिन्न मांगें उठा रहे हैं।
25 अगस्त को प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने की कोशिश की थी। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति भी बनी थी।
आदित्य से जुड़ा मामला इसी आंदोलन के बीच सामने आया है, जिसके बाद बच्चे की सुरक्षा और प्रदर्शन में नाबालिगों की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

