पटना: बिहार के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए नियमित स्कूल जाना अब और महत्वपूर्ण हो गया है। शिक्षा विभाग ने विभिन्न लाभार्थी योजनाओं के लिए छात्रों की उपस्थिति और परिवार की वार्षिक आय की जानकारी e-Shikshakosh पोर्टल पर अपडेट करने का निर्देश दिया है।
निर्देश के अनुसार, 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच जिन छात्रों की उपस्थिति 75 प्रतिशत या उससे अधिक होगी, उनके नाम के सामने पोर्टल पर ‘Yes’ दर्ज किया जाएगा। वहीं, 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले छात्रों के सामने ‘No’ दर्ज किया जाएगा।
इस जानकारी का इस्तेमाल संबंधित लाभार्थी योजनाओं के तहत भुगतान की प्रक्रिया में किया जाएगा।
e-Shikshakosh पर दर्ज होगा Yes या No
शिक्षा विभाग के निर्देश के मुताबिक पूरी प्रक्रिया e-Shikshakosh पोर्टल के माध्यम से होगी।
स्कूल के प्रधानाध्यापक या प्राचार्य अपने लॉगिन से छात्रों की जानकारी देखेंगे और उनकी उपस्थिति के आधार पर Yes या No दर्ज करेंगे।
इसका मतलब है कि केवल स्कूल में नामांकन होना ही संबंधित योजना के लिए पर्याप्त नहीं होगा। छात्रों को निर्धारित अटेंडेंस मानदंड भी पूरा करना होगा।
स्कूलों को सभी नामांकित छात्रों की जानकारी के साथ उनके परिवार की वार्षिक आय का विवरण भी पोर्टल पर अपडेट करना होगा।
परिवार की आय की सीमा भी तय
लाभार्थी योजना के लिए सिर्फ उपस्थिति ही नहीं, बल्कि परिवार की वार्षिक आय की जानकारी भी दर्ज की जाएगी।
निर्देश के अनुसार, जिस छात्र के परिवार की वार्षिक आय 1.50 लाख रुपये तक है, उसके सामने ‘Yes’ दर्ज किया जाएगा। वहीं, परिवार की वार्षिक आय 1.50 लाख रुपये से अधिक होने पर ‘No’ दर्ज किया जाएगा।
इस तरह योजना की प्रक्रिया में दो प्रमुख जानकारियां दर्ज होंगी:
- छात्र की उपस्थिति
- परिवार की वार्षिक आय
इन दोनों जानकारियों को e-Shikshakosh पर अपडेट करने के बाद ही प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
प्रधानाध्यापक करेंगे छात्रों के डेटा को सबमिट
स्कूल स्तर पर सभी छात्रों की जानकारी दर्ज होने के बाद प्रधानाध्यापक या प्राचार्य पोर्टल के माध्यम से डेटा सबमिट करेंगे।
इसके बाद जानकारी संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) के लॉगिन में जाएगी। प्रखंड स्तर पर अधिकारी छात्रों के डेटा की जांच करेंगे।
अगर जानकारी सही पाई जाती है तो उसे मंजूरी दी जाएगी। वहीं, किसी तरह की गलती या विसंगति मिलने पर डेटा को वापस स्कूल के लॉगिन में भेज दिया जाएगा।
स्कूल आवश्यक सुधार करने के बाद डेटा को दोबारा सत्यापन के लिए भेज सकेगा।
जिला स्तर पर होगा अंतिम सत्यापन
प्रखंड स्तर से सत्यापन पूरा होने के बाद छात्रों का डेटा जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (योजना एवं लेखा) के लॉगिन में भेजा जाएगा।
जिला स्तर के अधिकारी छात्र की जानकारी का अंतिम सत्यापन और अनुमोदन करेंगे।
जिला स्तर से डेटा स्वीकृत होने के बाद ही संबंधित लाभार्थी योजना के भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
इस बहु-स्तरीय सत्यापन का उद्देश्य सही और सत्यापित छात्र डेटा के आधार पर योजना की राशि का भुगतान सुनिश्चित करना है।
PFMS के जरिए छात्र के खाते में आएगी राशि
डेटा को जिला स्तर से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद संबंधित लाभार्थी योजना की राशि Public Financial Management System (PFMS) के माध्यम से भेजी जाएगी।
राशि सीधे संबंधित छात्र के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
इस पूरी ऑनलाइन प्रक्रिया में छात्र की जानकारी को स्कूल, प्रखंड और जिला स्तर पर जांचे जाने के बाद भुगतान आगे बढ़ाया जाएगा।
छात्रों और अभिभावकों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
इस प्रक्रिया के बाद स्कूलों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। उन्हें छात्रों की उपस्थिति और अन्य जानकारी सही तरीके से अपडेट करनी होगी।
वहीं, छात्रों और अभिभावकों के लिए भी नियमित उपस्थिति और परिवार की आय से जुड़ी सही जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
स्रोत में दिए गए निर्देश के अनुसार, 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति संबंधित लाभार्थी योजना की पात्रता प्रक्रिया में महत्वपूर्ण होगी। इसके साथ परिवार की वार्षिक आय भी निर्धारित सीमा के भीतर होनी चाहिए।

