Jantar Mantar Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शुक्रवार को हुए प्रदर्शन के दौरान AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा समेत बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। अलग-अलग रिपोर्टों के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या 500 से अधिक बताई गई है।
प्रदर्शनकारी SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध कर रहे थे और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। चुनाव आयोग ने SIR को लेकर लगाए गए आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची से डुप्लीकेट और अपात्र प्रविष्टियों को हटाना है।
पुलिस ने नेहा बोरा को हिरासत में लिया
AISA नेता नेहा बोरा भी प्रदर्शन में शामिल थीं। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर बस से दूसरी जगह भेज दिया। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों के एक समूह को जंतर-मंतर की ओर बढ़ने से पहले ही पुलिस ने रोक दिया था।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में नेहा बोरा को पुलिसकर्मियों के साथ जाते हुए देखा गया। उनके समर्थकों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
जंतर-मंतर के आसपास भारी सुरक्षा
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी थी। जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेड लगाए गए और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।
पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने और लागू प्रतिबंधों के मद्देनजर लोगों को निर्धारित क्षेत्र में इकट्ठा होने से रोकने की कार्रवाई की।
इंटरनेट सेवा भी की गई निलंबित
जंतर-मंतर और आसपास के इलाके में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी अस्थायी रूप से निलंबित की गईं। रिपोर्टों के अनुसार, यह रोक सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक करीब 1.5 किलोमीटर के क्षेत्र में लागू रही।
कई राजनीतिक नेता भी हिरासत में
प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी के नेताओं आतिशी और सौरभ भारद्वाज समेत कई अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया। RJD नेता मनोज झा और सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव के हिरासत में लिए जाने की भी रिपोर्ट है।
12 मेट्रो स्टेशनों पर भी असर
सुरक्षा व्यवस्था के कारण दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद किया गया। रिपोर्टों के अनुसार, शुरुआत में 11 स्टेशनों पर पाबंदी थी, बाद में बाराखंभा को भी इसमें शामिल किया गया और संख्या 12 हो गई।
SIR को लेकर क्यों हो रहा है प्रदर्शन?
प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया में मतदाताओं के नाम हटाए जाने और प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़े मुद्दे हैं।
वहीं, निर्वाचन आयोग का कहना है कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और डुप्लीकेट या अपात्र प्रविष्टियों को हटाना है। इसलिए इस मामले में प्रदर्शनकारियों के आरोप और आयोग का पक्ष अलग-अलग हैं।
@DelhiPolice dragged AISA President Neha Bora on the road during her detention at the protest.This is not the appropriate way to handle female protesters.The conduct of Delhi Police is deeply concerning.#DelhiPolice #JantarMantar #NehaBora #GyaneshKumar #AISA https://t.co/fcG0liL8e4
— Global News 🚨 (@Jarvis945) October 2, 2026 प्रदर्शन के दौरान मुख्य घटनाएं
- AISA नेता नेहा बोरा हिरासत में ली गईं।
- 500 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की रिपोर्ट।
- जंतर-मंतर के आसपास भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग।
- मोबाइल इंटरनेट सेवा अस्थायी रूप से निलंबित।
- कई मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश-निकास बंद।
- आतिशी, सौरभ भारद्वाज और अन्य नेताओं को भी हिरासत में लिया गया।

