Railway Bedroll Missing: रेलवे की चादर ओढ़े 3 लोग वायरल, 4 साल में 1.27 करोड़ बेडरोल आइटम गायब होने का दावा

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Railway Bedsheet Viral Bedroll Items Missing Rti Report
Railway Bedsheet Viral Bedroll Items Missing Rti Report (PC: BBN24/Social Media)

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर तीन लोगों का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में तीन लोग शरीर पर रेलवे की चादर जैसी दिखने वाली चादरें लपेटे नजर आ रहे हैं। चादरों पर ‘Western Railway’ लिखा हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो के सामने आने के बाद रेलवे के बेडरोल और लिनेन से जुड़े आंकड़ों को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।

हालांकि, अभी यह पुष्टि नहीं हुई है कि वायरल वीडियो में दिख रही चादरें वास्तव में रेलवे से चोरी की गई थीं या नहीं। इसी बीच एक RTI आधारित रिपोर्ट में भारतीय रेलवे के AC कोचों से बड़ी संख्या में बेडरोल आइटम गायब होने की जानकारी सामने आई है।

4 साल में 1.27 करोड़ से ज्यादा बेडरोल आइटम गायब

द इंडियन एक्सप्रेस की RTI आधारित रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2022 से मई 2026 के बीच रेलवे के AC कोचों से 1.27 करोड़ से ज्यादा बेडरोल आइटम गायब होने की जानकारी मिली है।

इन सामानों में बेडशीट, तौलिया, कंबल, तकिया और पिलो कवर जैसे आइटम शामिल हैं। रिपोर्ट में इनकी अनुमानित कीमत 104 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई गई है।

54 रेलवे डिवीजनों के RTI जवाब से सामने आया आंकड़ा

रिपोर्ट के लिए इंडियन एक्सप्रेस ने रेलवे के 69 डिवीजनों से RTI के जरिए जानकारी मांगी थी। इनमें से 54 डिवीजनों और 16 रेलवे जोन से जवाब मिलने की बात कही गई है।

इन्हीं उपलब्ध जवाबों के आधार पर 1.27 करोड़ से अधिक लिनेन आइटम के गायब होने का आंकड़ा सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, 2022 से 2025 के बीच ऐसे मामलों में करीब 56 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।

सबसे ज्यादा क्या गायब हुआ?

RTI से मिले आंकड़ों में रेलवे के कई तरह के बेडरोल आइटम शामिल हैं। इनमें मुख्य रूप से:

  • बेडशीट
  • तौलिया
  • कंबल
  • तकिया
  • पिलो कवर

जैसे सामान के गायब होने की जानकारी सामने आई है।

वायरल वीडियो और रेलवे के आंकड़ों में क्या कनेक्शन है?

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में तीन लोग रेलवे की चादर जैसी दिखने वाली चादरें ओढ़े नजर आ रहे हैं। चादरों पर Western Railway लिखा हुआ दिखाई दे रहा है।

वीडियो को शेयर करते हुए कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। लेकिन अभी तक यह साबित नहीं हुआ है कि वीडियो में दिखाई दे रही चादरें रेलवे की ही हैं या इन्हें रेलवे से चोरी किया गया है।

इसलिए वायरल वीडियो को रेलवे के बेडरोल गायब होने के आंकड़ों से सीधे जोड़ना सही नहीं होगा।

1.27 करोड़ का आंकड़ा पूरे रेलवे का नहीं

इस मामले में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि 1.27 करोड़ का आंकड़ा पूरे भारतीय रेलवे के 100 फीसदी डेटा का प्रतिनिधित्व नहीं करता

यह संख्या उपलब्ध RTI जवाबों पर आधारित है। कई डिवीजनों से पूरी जानकारी नहीं मिलने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है। इसलिए इस आंकड़े को उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर सामने आया आंकड़ा समझना चाहिए।

रेलवे के बेडरोल गायब होने के पीछे चोरी, यात्रियों द्वारा सामान ले जाना, रिकॉर्डिंग की प्रक्रिया या अन्य कारण हो सकते हैं। इन कारणों का अलग-अलग मामलों में निर्धारण संबंधित जांच के आधार पर ही किया जा सकता है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

वायरल वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर रेलवे की चादरों और बेडरोल को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लोग वीडियो को शेयर कर रेलवे के सामान की सुरक्षा पर सवाल उठा रहे हैं।

हालांकि, किसी वायरल वीडियो के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि उसमें दिख रहे लोगों ने रेलवे का सामान चोरी किया है। इसके लिए संबंधित एजेंसी की आधिकारिक जांच या पुष्टि जरूरी है।

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