UP Flood Alert: उत्तर प्रदेश में मानसून से पहले ही बाढ़ को लेकर खतरे की घंटी बज गई है. राज्य के 37 जिलों के 439 गांवों को हाई रिस्क जोन में रखा गया है. पूर्वांचल के कई शहरों और नदी किनारे बसे इलाकों में प्रशासन ने अलर्ट जारी कर तैयारियां तेज कर दी हैं.
पूर्वांचल के कई जिले खतरे की जद में
रिपोर्ट के अनुसार घाघरा, गंगा, शारदा, राप्ती और सरयू जैसी नदियों के किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा ज्यादा बताया गया है. पूर्वांचल के कई जिलों में हर साल बाढ़ की स्थिति गंभीर हो जाती है, जिसके चलते इस बार पहले से तैयारी शुरू कर दी गई है.
बाराबंकी, गोरखपुर, बलिया, बहराइच, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर और देवरिया समेत कई जिले संवेदनशील श्रेणी में रखे गए हैं.
प्रशासन ने शुरू की तैयारियां
राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं. संवेदनशील गांवों में निगरानी बढ़ा दी गई है और नाव, राहत सामग्री तथा मेडिकल टीमों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं.
इसके अलावा तटबंधों की मरम्मत और कमजोर स्थानों की पहचान का काम भी तेजी से किया जा रहा है.
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की अपील की है. बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में स्थानीय प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है.
विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते तैयारी होने से जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

