Sujit Bose Arrested: Sujit Bose को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नगरपालिका भर्ती घोटाले में गिरफ्तार कर लिया है। West Bengal की पूर्व Mamata Banerjee सरकार में मंत्री रहे सुजीत बोस से करीब साढ़े 10 घंटे तक पूछताछ की गई, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया।
सुबह पहुंचे ED ऑफिस, रात में हुई गिरफ्तारी
सुजीत बोस सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे CGO Complex स्थित ईडी कार्यालय पहुंचे थे। उनके साथ बेटे समुद्र बोस और वकील भी मौजूद थे। लंबी पूछताछ के बाद रात करीब 9 बजे उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
क्या है नगरपालिका भर्ती घोटाला?
ईडी के मुताबिक, दक्षिण दमदम नगरपालिका में वाइस चेयरमैन रहते हुए सुजीत बोस पर करीब 150 लोगों को अवैध तरीके से नौकरी देने का आरोप है। जांच एजेंसी का दावा है कि नौकरी के बदले पैसे और जमीन ली गई थी।
जांच में गुमराह करने का आरोप
ईडी अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान सुजीत बोस लगातार अलग-अलग जवाब देकर जांच को भ्रमित कर रहे थे। इसी वजह से एजेंसी ने सख्त कदम उठाते हुए गिरफ्तारी का फैसला लिया।
बार-बार समन के बावजूद नहीं हुए थे पेश
ईडी ने अप्रैल महीने में कई बार समन जारी किया था, लेकिन सुजीत बोस चुनाव का हवाला देकर पेशी से बचते रहे। बाद में उन्होंने हाईकोर्ट में राहत की मांग की, लेकिन अदालत ने उन्हें ईडी के सामने पेश होने का निर्देश दिया था।
डस्टबिन में मिले चिट्ठी से खुला मामला
जांच एजेंसी के अनुसार, इस मामले में पहली बड़ी कड़ी तब मिली जब Ayan Shil के घर छापेमारी के दौरान डस्टबिन से एक चिट्ठी बरामद हुई। उसी के आधार पर सुजीत बोस का नाम सामने आया और जांच तेज हुई।
मंगलवार को कोर्ट में पेशी संभव
सूत्रों के मुताबिक, ईडी मंगलवार को सुजीत बोस को अदालत में पेश कर रिमांड की मांग कर सकती है। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि भर्ती घोटाले में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

