Bihar Politics: राज्य में नई सरकार बनने के बाद मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी चर्चाएं चल रही हैं. ऐसे में NDA के भीतर नए समीकरण बनने की संभावनाओं के बीच RLMM के संभावित विलय को एक बड़ी राजनीतिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है.
क्या सच में हो सकता है विलय?
सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी की ओर से उपेंद्र कुशवाहा को पार्टी विलय का प्रस्ताव दिया गया है. इस प्रस्ताव में उनके बेटे दीपक प्रकाश को विधान परिषद भेजने और मौजूदा राजनीतिक स्थिति को बनाए रखने जैसे आश्वासन शामिल बताए जा रहे हैं.
हालांकि, इन खबरों पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
मंत्रिमंडल विस्तार से जुड़ी है चर्चा
बिहार में मौजूदा सरकार में Samrat Choudhary के पास कई विभाग हैं, जबकि अन्य मंत्रियों पर भी अतिरिक्त जिम्मेदारियां हैं. ऐसे में जल्द ही कैबिनेट विस्तार की संभावना जताई जा रही है.
इसी कड़ी में नए सहयोगियों को जगह देने और संतुलन बनाने के लिए ऐसे राजनीतिक कदम उठाए जा सकते हैं.
पार्टी के अंदर भी असंतोष की खबरें
रालोमो के अंदरूनी हालात भी इन चर्चाओं को हवा दे रहे हैं. खबर है कि पार्टी के चार में से तीन विधायक नेतृत्व से नाराज हैं.
यह असंतोष संभावित विलय की एक बड़ी वजह माना जा रहा है, हालांकि पार्टी की ओर से इस पर खुलकर कुछ नहीं कहा गया है.
दीपक प्रकाश को लेकर भी उठे सवाल
पिछली सरकार में उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बनाए जाने को लेकर भी पार्टी के अंदर असहमति की खबरें सामने आई थीं.
इस मुद्दे ने भी पार्टी के भीतर मतभेद को बढ़ाया और राजनीतिक अटकलों को और तेज कर दिया.
क्या बोले उपेंद्र कुशवाहा?
इन सभी अटकलों पर खुद उपेंद्र कुशवाहा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उन्हें किसी भी तरह के विलय प्रस्ताव की जानकारी नहीं है. उन्होंने इसे सामान्य राजनीतिक चर्चा बताया है.
आगे क्या?
फिलहाल यह देखना दिलचस्प होगा कि ये चर्चाएं सिर्फ अटकलों तक सीमित रहती हैं या फिर आने वाले दिनों में कोई बड़ा राजनीतिक फैसला सामने आता है.
अगर ऐसा होता है, तो बिहार की राजनीति में नए समीकरण और बदलाव देखने को मिल सकते हैं.


