नई दिल्ली: वैश्विक तनाव के बीच देश में लॉकडाउन को लेकर चल रहे सस्पेंस पर अब विराम लग गया है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने शुक्रवार को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ हाई-लेवल वर्चुअल बैठक की, जिसमें साफ कर दिया गया कि देश में लॉकडाउन लगाने की कोई योजना नहीं है।
करीब दो घंटे चली इस इमरजेंसी बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि अंतरराष्ट्रीय संकट के बावजूद भारत में ईंधन, गैस और जरूरी वस्तुओं की सप्लाई प्रभावित न हो।
मिडिल ईस्ट तनाव के बीच भारत अलर्ट मोड में
पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर मंडरा रहे खतरे के कारण भारत सरकार पूरी तरह सतर्क है।
सरकार की प्राथमिकता है कि:
- देश में पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता बनी रहे
- रसोई गैस और जरूरी सामान की सप्लाई न रुके
- आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी न हो
कोरोना काल की याद दिलाकर ‘Team India’ का मंत्र
बैठक के दौरान पीएम मोदी ने कोविड-19 महामारी के समय की परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा:
“जब 2020 में पूरी दुनिया ठहर गई थी, तब केंद्र और राज्यों ने मिलकर ‘टीम इंडिया’ बनकर संकट का सामना किया था।”
उन्होंने सभी राज्यों से एकजुट होकर काम करने और घबराहट फैलाने से बचने की अपील की।
जमाखोरी रोकने और कीमत नियंत्रण पर जोर
प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों को निर्देश दिए कि:
- जरूरी सामान की जमाखोरी पर सख्ती से रोक लगाई जाए
- बाजार में कीमतों पर नियंत्रण रखा जाए
- लोगों तक सही जानकारी पहुंचाई जाए
उन्होंने कहा कि संकट वैश्विक है, लेकिन समाधान राज्यों के सहयोग से ही संभव है।
कई बड़े नेता बैठक में शामिल
इस महत्वपूर्ण बैठक में:
- गृह मंत्री Amit Shah
- रक्षा मंत्री Rajnath Singh
सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए।
हालांकि, पश्चिम बंगाल, असम, केरल, पुडुचेरी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री चुनावी आचार संहिता के कारण बैठक में शामिल नहीं हो सके।
ईंधन और रसद पर गहन समीक्षा
बैठक में विशेष रूप से इन मुद्दों पर चर्चा हुई:
- तेल आयात में संभावित बाधाएं
- राज्यों में बफर स्टॉक की स्थिति
- महंगाई पर नियंत्रण
कई राज्यों ने अपने-अपने स्तर पर तैयारियों और स्टॉक की जानकारी प्रधानमंत्री को दी।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि देश में फिलहाल लॉकडाउन जैसी कोई स्थिति नहीं है।
हालांकि वैश्विक हालात को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारें पूरी तरह सतर्क हैं और जनता को घबराने की जरूरत नहीं है



