शी जिनपिंग की सीक्रेट चिट्ठी से हिला वॉशिंगटन, भारत-चीन नजदीकियों से ट्रंप बेचैन

India-China Relation Update: पीएम मोदी सात साल बाद जाएंगे चीन, ट्रंप की रणनीति पर पड़ा असर

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India China Relation Xi Jinping Secret Letter Trump
India China Relation Xi Jinping Secret Letter Trump (PC: BBN24/Social Media)

भारत-चीन संबंधों में अचानक तेजी आई है और इसका बड़ा कारण है चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की वह सीक्रेट चिट्ठी, जिसने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रणनीति को झटका दे दिया।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, शी जिनपिंग ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक पत्र लिखकर भारत से रिश्ते सुधारने की इच्छा जताई। पत्र में चीन ने अमेरिकी समझौतों को लेकर चिंता जाहिर की थी, जिन्हें बीजिंग अपने हितों के लिए खतरा मानता है। यह संदेश सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचाया गया और उसके बाद से दोनों देशों ने संबंध सुधारने की रफ्तार तेज कर दी।

जून से शुरू हुआ संवाद

एक वरिष्ठ भारतीय अधिकारी के मुताबिक, जून 2025 से मोदी सरकार ने गंभीरता से बीजिंग के साथ रिश्तों में सुधार की पहल की। उस वक्त भारत-अमेरिका व्यापार वार्ताएं तनावपूर्ण थीं और पाकिस्तान से संघर्ष के बाद ट्रंप के हस्तक्षेप ने नई दिल्ली को खफा कर दिया था।

मोदी की ऐतिहासिक यात्रा

अगस्त तक दोनों देशों ने सीमा विवाद जैसे मुद्दों पर ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया। नतीजा यह है कि इस हफ्ते के आखिर में पीएम मोदी सात साल बाद चीन की यात्रा करेंगे। यह मुलाकात दोनों देशों के रिश्तों में एक नया अध्याय खोल सकती है।

अमेरिका की चिंता बढ़ी

भारत-चीन के बीच यह मेल-मिलाप अमेरिका के लिए किसी झटके से कम नहीं है। दशकों से वॉशिंगटन की कोशिश रही है कि भारत को अपने पाले में रखकर चीन को संतुलित किया जाए। लेकिन ट्रंप के आयात पर भारी टैरिफ लगाने के फैसले ने समीकरण बिगाड़ दिए।

ट्रंप पर तंज

भारत में पूर्व अमेरिकी राजनयिक एशले टेलिस ने कहा, “ट्रंप सचमुच महान शांति दूत हैं। भारत और चीन के बीच सुलह का श्रेय उन्हीं को जाता है।” हालांकि इस मुद्दे पर भारत और चीन की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

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