बिहार में शराबबंदी कानून के बावजूद शराब तस्करी का काला खेल जारी है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मुजफ्फरपुर जिले के सकरा प्रखंड में राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त मुखिया बबीता कुमारी के पैतृक आवास पर छापेमारी कर इस गोरखधंधे की परतें उधेड़ दीं। जांच में बबीता के देवर सुजीत मिश्रा का नाम सामने आया, जिसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
सुजीत मिश्रा और उसका शराब साम्राज्य
सूत्रों के मुताबिक, सुजीत मिश्रा पर झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और चंडीगढ़ से शराब मंगाकर उत्तर बिहार में सप्लाई करने के आरोप हैं। वर्ष 2020 में रांची से उसकी गिरफ्तारी के समय 80 करोड़ रुपये के शराब कारोबार की डायरी बरामद हुई थी। उस पर 6, उसके भाई बबलू मिश्रा पर 2 और भरत भूषण पर कई मामले दर्ज हैं।
ईडी की पूछताछ में अहम खुलासे
बुधवार रात ईडी और पुलिस ने सुजीत से घंटों पूछताछ की, जिसमें उसने झारखंड और पश्चिम बंगाल के सप्लायरों से अपने कनेक्शन की बात कबूल की। जांच में यह भी सामने आया कि वह मुशहरी, बेला और कांटी क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों में सक्रिय था।
मुजफ्फरपुर के बड़े शराब माफिया की लिस्ट
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जिले में आठ बड़े शराब माफिया सक्रिय हैं, जिनमें चुन्नू ठाकुर, रवि साहनी, मिथिलेश सिंह, सूरज गुप्ता, सुजीत मिश्रा, बबुआ डॉन और अमित कुमार शामिल हैं। 2022 में अमित कुमार के पास से 100 करोड़ रुपये की तस्करी का लेखा-जोखा मिला था।
पूर्व की बड़ी कार्रवाई
17 अप्रैल 2023 को बेला फेज-2 की एक फैक्ट्री से 1 करोड़ की शराब जब्त की गई थी। 28 दिसंबर 2024 को पारुल पैकेजिंग प्राइवेट लिमिटेड के सामने से 1 करोड़ रुपये से अधिक की चंडीगढ़ से मंगाई गई शराब पकड़ी गई थी।
बबीता कुमारी का बयान
मुखिया बबीता कुमारी का कहना है कि ईडी की कार्रवाई उनके खिलाफ नहीं, बल्कि उनके देवर सुजीत मिश्रा के खिलाफ थी। टीम को उनके घर से कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली है। फिलहाल, ईडी और पुलिस इस नेटवर्क के आर्थिक स्रोत और अवैध संपत्तियों की जांच कर रही है।


