कर्नाटक की गुफा में क्या कर रही थी Russian महिला और उसके दो बच्चे? 8 साल से वीजा भी खत्म!

Russia की नीना कुटीना उर्फ Mohi गोकर्ण में गुफा के भीतर बच्चों के साथ रह रही थी, पुलिस भी देखकर रह गई दंग

Fevicon Bbn24
Russian Woman Karnataka Cave Hinduism India News
Russian Woman Karnataka Cave Hinduism India News (Source: BBN24/Google/Social Media)

कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले की रहस्यमयी Ramteerth Hills में पुलिस ने एक Russian महिला Nina Kutina उर्फ Mohi और उसके दो बच्चों को एक खतरनाक गुफा में रहते हुए खोज निकाला। बताया जा रहा है कि महिला पिछले करीब दो हफ्तों से अपने बच्चों Preya (6 वर्ष) और Ama (4 वर्ष) के साथ पूरी तरह एकांत में रह रही थी।

पुलिस ने जानकारी दी कि यह महिला Business Visa पर भारत आई थी लेकिन उसका वीजा साल 2017 में ही समाप्त हो गया था। उसके बावजूद वह भारत में रह रही थी। वह Hindu धर्म और भारतीय spiritual परंपराओं से बेहद प्रभावित थी और इसी शांति की खोज में वह गोवा से होते हुए तटीय धार्मिक शहर Gokarna पहुंची।

गुफा में रूद्र प्रतिमा और साधना स्थल बना लिया था

पुलिस निरीक्षक श्रीधर और उनकी टीम को हाल ही में हुए भूस्खलन के बाद गश्त के दौरान गुफा के बाहर सूखते हुए कपड़े नजर आए। शक होने पर जब टीम गुफा के भीतर गई, तो उन्हें Mohi अपने दोनों बच्चों के साथ वहां रह रही मिली।

गुफा के अंदर Mohi ने खुद के लिए एक साधारण घर बना लिया था, जहां उसने Rudra की प्रतिमा स्थापित की थी। दिन भर वह पूजा और ध्यान में लीन रहती थी, जबकि जंगल में सिर्फ प्रकृति और दो छोटे बच्चे उसके साथ थे।

बच्चों के साथ कैसे रही इतने दिन जंगल में?

उत्तर कन्नड़ के पुलिस अधीक्षक एम नारायण ने बताया, “हमें आश्चर्य है कि इतने कठिन हालात में भी Mohi और उसके बच्चे कैसे जीवित रहे। जंगल में रहने के दौरान उन्हें कोई शारीरिक क्षति नहीं हुई, यह राहत की बात है।”

पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि Mohi का वीजा 2017 में खत्म हो गया था और वह भारत में कब से रह रही है, इसकी अभी जांच की जा रही है।

अब कहां है Mohi? निर्वासन की प्रक्रिया शुरू

पुलिस ने स्थानीय NGO की मदद से Russian Embassy से संपर्क किया और Mohi को अस्थायी रूप से गोकर्ण में एक साध्वी द्वारा संचालित आश्रम में स्थानांतरित कर दिया गया है। इसके बाद उसे Bengaluru भेजा जाएगा और वहां से deportation process शुरू की गई है।

इस रहस्यमयी महिला की कहानी ने सोशल मीडिया पर भी हलचल मचा दी है। यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि विदेशी नागरिक बिना वैध दस्तावेजों के भारत में सालों तक कैसे रह सकते हैं, और स्थानीय तंत्र को इसकी जानकारी क्यों नहीं होती।

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