5 साल में मारे गए 9 टॉप कमांडर और 7 वैज्ञानिक: Iran में ‘डिकैपिटेशन स्ट्राइक’ से हड़कंप

जनरल Qasem Soleimani की मौत के बाद से नहीं संभल पाया ईरान, Israel की रणनीति सिर्फ परमाणु कार्यक्रम नहीं, पूरे सैन्य नेतृत्व को खत्म करने की

Rohit Mehta Journalist
Iran Military Leaders Scientists Killed In Israel Attacks
(Source: Google/Social Media Sites)

ईरान इन दिनों अपने सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहा है। बीते 5 सालों में ईरान के 9 शीर्ष सैन्य कमांडर और 7 प्रमुख परमाणु वैज्ञानिक मारे जा चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ये सिर्फ अलग-अलग हमले नहीं, बल्कि एक बड़ी रणनीति का हिस्सा हैं जिसे “डिकैपिटेशन स्ट्राइक” (Decapitation Strike) कहा जाता है — यानी दुश्मन के टॉप नेतृत्व को खत्म करके उसकी पूरी संरचना को अस्थिर करना।

Israel का डिकैपिटेशन प्लान: टॉप लीडरशिप को बनाना निशाना

13 जून को हुए हमले में ईरान के छह टॉप मिलिट्री और साइंटिफिक अधिकारियों की मौत ने फिर साबित कर दिया कि इस्राइल ईरान को परमाणु शक्ति बनने से रोकने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।
विश्लेषकों का कहना है कि यह हमला सिर्फ फोर्डो न्यूक्लियर साइट को नुकसान पहुंचाने तक सीमित नहीं था, बल्कि ईरान की रणनीतिक क्षमता और सैन्य नेतृत्व पर सीधा वार था।

IAEA (International Atomic Energy Agency) पहले ही यह रिपोर्ट दे चुका है कि ईरान अपने न्यूक्लियर डील के नियमों का उल्लंघन कर रहा है। इसी डर से अमेरिका और इस्राइल, दोनों देशों ने ईरान पर निगरानी और दबाव बढ़ा दिया है।

Qasem Soleimani की मौत से शुरू हुआ सिलसिला

जनरल Qasem Soleimani की 2020 में अमेरिका के ड्रोन हमले में मौत के बाद से ईरान की सेना और सुरक्षा तंत्र कभी पूरी तरह से रिकवर नहीं कर पाया। तभी से ईरान के सैन्य और परमाणु नेतृत्व को लगातार टारगेट किया जा रहा है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि सुलेमानी की मौत एक सिग्नल थी, और उसके बाद की हत्याएं उस योजना का विस्तार।

मारे गए टॉप ईरानी अधिकारी

हालिया हमले में ये छह अहम अधिकारी मारे गए:

  1. मेजर जनरल Mohammad Vameri – सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ, खुफिया और रणनीतिक योजनाओं के मास्टरमाइंड।
  2. जनरल Hossein Salami – रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर-इन-चीफ।
  3. जनरल Gholamali Leed – डिप्टी कमांडर-इन-चीफ, ईरान के ड्रोन प्रोग्राम के आर्किटेक्ट।
  4. Ali Samadhani – पूर्व सुरक्षा परिषद सचिव, गंभीर रूप से घायल हुए और इलाज के दौरान मारे गए।
  5. Fereydoon Abbasi-Davani – प्रमुख परमाणु वैज्ञानिक, कार पर हुए हमले में मारे गए।
  6. Mohammad Mehdi Tehrangi – यूरेनियम संवर्धन सलाहकार और फिजिक्स एक्सपर्ट, तेहरान में फ्लैट पर मिसाइल अटैक में मारे गए।

क्या इस्राइल का मकसद सिर्फ परमाणु कार्यक्रम खत्म करना है?

विशेषज्ञों का मानना है कि इजरायल के इन हमलों का मकसद सिर्फ परमाणु कार्यक्रम को रोकना नहीं, बल्कि ईरान की जवाबी हमला करने की क्षमता को खत्म करना है।
डिकैपिटेशन स्ट्राइक की इस रणनीति से ईरान की सैन्य और टेक्नोलॉजिकल स्पाइन पर बार-बार वार किया गया है।

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