यमन की राजधानी सना (Sana) में इजरायली हवाई हमले में हूती सरकार के प्रधानमंत्री अहमद अल-रहावी की मौत हो गई। हूती विद्रोहियों ने बयान जारी कर इस हमले की पुष्टि की है।
वर्कशॉप के दौरान बरसा बम
हूती संगठन के मुताबिक हमला गुरुवार को उस समय हुआ जब सरकार के कई मंत्री एक प्रदर्शन समीक्षा वर्कशॉप में शामिल थे। इस हमले में अन्य मंत्रियों की भी मौत हुई है।
रक्षा मंत्री और सैन्य प्रमुख पर भी खतरे के बादल
मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि हमले के वक्त हूती रक्षा मंत्री मोहम्मद अल-अती और सैन्य प्रमुख मोहम्मद अब्द अल-करीम अल-घमारी भी मौके पर मौजूद थे। दोनों की मौत की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इजराइल पर हूती का मिसाइल हमला बना वजह
हमले से पहले, 28 अगस्त को हूती विद्रोहियों ने इजराइल पर मिसाइल और ड्रोन दागे थे। इसके जवाब में इजरायली वायुसेना ने सना में बमबारी की और विद्रोही गुट के ठिकानों व राष्ट्रपति भवन को निशाना बनाया।
10 कमांडर मारे गए, 90 घायल
रिपोर्ट्स के अनुसार इजरायली एयरस्ट्राइक में कम से कम 10 हूती कमांडर और लड़ाके मारे गए, जबकि 90 से अधिक घायल हुए हैं।
फिलिस्तीन समर्थन में सक्रिय हूती
गाजा युद्ध के बीच हूती विद्रोही लंबे समय से फिलिस्तीन के समर्थन में इजराइल को निशाना बना रहे हैं। उनका दावा है कि मिसाइल और ड्रोन हमले फिलिस्तीनियों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए किए जाते हैं। हालांकि, ज्यादातर हमले इजराइल के एयर डिफेंस सिस्टम ने बीच में ही रोक दिए।


